Police Commemoration Day: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर देश के बहादुर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि पुलिस स्मृति दिवस उन पुलिसकर्मियों के प्रति गहरा आभार जताने का अवसर है, जो बेहद कठिन परिस्थितियों में भी पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं।

कानून-व्यवस्था से नागरिक सुरक्षा तक योगदान
प्रधानमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों से मुकाबला करने, आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों की मदद करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उनका योगदान अमूल्य है और देश उनके समर्पण को हमेशा याद रखता है।
कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वालों को नमन
पीएम मोदी ने उन बहादुर पुलिसकर्मियों को भी सादर श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने देश और कर्तव्य की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन्होंने कहा कि इन जवानों का साहस, अटूट समर्पण और सर्वोच्च बलिदान देश की स्मृतियों में हमेशा अंकित रहेगा।
21 अक्टूबर को ही क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस
पुलिस स्मृति दिवस का इतिहास 21 अक्टूबर 1959 की उस घटना से जुड़ा है, जब लद्दाख के दुर्गम हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में चीन की सेना के हमले का सामना करते हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 10 जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। उस समय हॉट स्प्रिंग का इलाका बेहद दुर्गम और ऊंचाई वाला क्षेत्र था। जवानों ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद चीनी सैनिकों का डटकर मुकाबला किया। देश की जमीन की रक्षा के लिए उन्होंने अपने कर्तव्य से पीछे हटना स्वीकार नहीं किया और सर्वोच्च बलिदान दिया।
शहादत की याद में मनाया जाता है यह दिन
हॉट स्प्रिंग की इसी घटना की स्मृति में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिन देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा करते हुए शहीद हुए पुलिसकर्मियों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान को याद करने का अवसर देता है।पुलिस स्मृति दिवस केवल श्रद्धांजलि का दिन नहीं, बल्कि उन सभी पुलिसकर्मियों के त्याग को याद करने का अवसर है, जिन्होंने कठिन से कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा और जनता की सेवा को सर्वोपरि रखा।
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