देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने ऑटोमोबाइल क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। भारत में निर्मित जिम्नी 5-डोर, फ्रोंक्स और पहली इलेक्ट्रिक कार ई-विटारा के जापान को किए जाने वाले कुल निर्यात का आंकड़ा 1,00,000 (1 लाख) यूनिट्स के पार पहुंच गया है। गुणवत्ता और तकनीक के प्रति बेहद संवेदनशील माने जाने वाले जापानी ऑटोमोटिव बाजार में यह सफलता भारत की विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षमता का लोहा मनवाती है। इस उपलब्धि के साथ ही जापान अब वित्तीय वर्ष 2025-26 और अप्रैल से अगस्त 2026-27 की अवधि में मारुति सुजुकी का दूसरा सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट बन गया है।
सुजुकी बनी जापान की नंबर-1 व्हीकल इंपोर्टर
भारतीय निर्मित वाहनों की लगातार बढ़ती लोकप्रियता के कारण वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जापान में सुजुकी द्वारा कुल आयात की गई गाड़ियों में भारतीय कारों की हिस्सेदारी लगभग 100 प्रतिशत दर्ज की गई। इसने सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन को जापान में नंबर-1 वाहन आयातक बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई है। एक्सपोर्ट की शुरुआत अगस्त 2024 में फ्रोंक्स मॉडल के साथ हुई थी। इसके बाद दिसंबर 2024 में जिम्नी 5-डोर और सितंबर 2025 में कंपनी का पहला बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल (BEV) ई-विटारा इस लिस्ट में शामिल हुआ। जिम्नी 5-डोर और ई-विटारा का निर्माण पूरी तरह भारत में होने से देश सुजुकी के वैश्विक नेटवर्क में एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभरा है।
सीईओ बोले- भारत-जापान साझेदारी को मिली नई मजबूती
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए मारुति सुजुकी इंडिया के प्रबंध निदेशक और सीईओ हिसाशी ताकेउची ने कहा कि जापानी ग्राहकों द्वारा मेड-इन-इंडिया वाहनों को अपनाना दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक संबंधों और भारतीय विनिर्माण क्षमता की परिपक्वता को दर्शाता है। ये वाहन जापानी बाजार के कड़े गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरने के साथ-साथ शानदार डिजाइन और फीचर्स के बल पर ग्राहकों का दिल जीतने में सफल रहे हैं।
देश के कुल पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्ट में 50% से ज्यादा हिस्सेदारी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपना दबदबा बनाए रखते हुए मारुति सुजुकी फिलहाल दुनिया के लगभग 120 देशों को अपने वाहनों का निर्यात कर रही है। चालू वित्त वर्ष में केवल अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच ही कंपनी ने 1.8 लाख से अधिक गाड़ियों का कुल निर्यात दर्ज किया है। उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक मारुति सुजुकी लगातार देश की नंबर-1 पैसेंजर व्हीकल निर्यातक बनी हुई है और भारत के कुल कार एक्सपोर्ट में आधी (50 प्रतिशत से अधिक) हिस्सेदारी अकेले संभालती है।
READ MORE: हार भी और जुर्माना भी! बर्मिंघम टेस्ट के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर गिरा ICC का चाबुक

