Karwa Chauth 2026: हिंदू धर्म में करवा चौथ का व्रत विवाहित महिलाओं के लिए बेहद अहम माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, सुरक्षा और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए कठिन निर्जला व्रत रखती हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ कार्तिक माह में पूर्णिमा के बाद आने वाली चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस साल करवा चौथ का व्रत बृहस्पतिवार, 29 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि विधि-विधान से इस व्रत को रखने वाली महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है और दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
सास न हो तो किससे लें सरगी?
करवा चौथ की परंपराओं में सरगी का विशेष महत्व माना जाता है। आमतौर पर सास अपनी बहू को सरगी की थाली देती हैं, जिसे ग्रहण करने के बाद महिला व्रत शुरू करती है। लेकिन अगर किसी महिला की सास नहीं हैं, तो वह घर की किसी बुजुर्ग महिला, जेठानी या बहन से सरगी ले सकती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सरगी के लिए सास का होना अनिवार्य नहीं माना जाता।
दूर रहने वाली सास भी भेज सकती हैं सरगी के पैसे
अगर किसी महिला की सास किसी दूसरे शहर या स्थान पर रहती हैं और खुद सरगी नहीं दे सकतीं, तो वह पैसे भेज सकती हैं। ऐसे में बहू उन पैसों से अपनी पसंद और परिवार की परंपरा के अनुसार सरगी का सामान खरीद सकती है। इस तरह सास की ओर से सरगी देने की परंपरा भी निभाई जा सकती है।
सरगी की थाली में क्या-क्या रखा जाता है?
करवा चौथ की सरगी में आमतौर पर फल, मिठाई, सूखे मेवे, मठरी, नारियल, फेनिया और सात्विक भोजन शामिल किया जाता है। इसके अलावा कई परिवारों में सास अपनी बहू को कपड़े, चूड़ियां और श्रृंगार का सामान भी देती हैं। सरगी में रखी जाने वाली वस्तुएं परिवार की परंपरा, मान्यता और सुविधा के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।
सूर्योदय से पहले खाई जाती है सरगी
शास्त्रों के अनुसार, सरगी का सेवन सूर्योदय से पहले किया जाता है। महिलाएं आमतौर पर सुबह 4 से 5 बजे के बीच उठकर सरगी खाती हैं, ताकि दिनभर के व्रत से पहले भोजन ग्रहण कर सकें। इसके बाद उनका व्रत शुरू हो जाता है। इसलिए सरगी सूर्योदय से पहले ही खा लेनी चाहिए। करवा चौथ के दिन महिलाएं पूरे श्रद्धाभाव से पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं।
देवी पार्वती को सुहाग की सामग्री चढ़ाने की मान्यता
करवा चौथ का धार्मिक महत्व भी काफी विशेष माना गया है। इस दिन विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, करवा चौथ पर देवी पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित करनी चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से सदा सौभाग्यवती रहने का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही जीवन में सुख-शांति और खुशियों का आगमन होता है तथा व्रत के प्रभाव से वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहती है।
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