भारतीय पैरा खेल जगत से एक बेहद निराशाजनक खबर सामने आई है। भारत के पैरा जैवलिन थ्रो खिलाड़ी अनमोल वशिष्ठ डोप टेस्ट में फेल हो गए हैं। वाडा की प्रतिबंधित सूची में शामिल स्टेरॉयड के इस्तेमाल का दोषी पाए जाने के बाद इंटरनेशनल पैरालिंपिक कमेटी (IPC) ने उन पर तीन साल का कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। एथलीट द्वारा अपनी गलती स्वीकार किए जाने के बाद उनका यह निलंबन 24 अप्रैल 2026 से प्रभावी होकर 23 अप्रैल 2029 तक लागू रहेगा। इस समयावधि के दौरान वे किसी भी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय आधिकारिक प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
नई दिल्ली ग्रैंड प्रिक्स के दौरान लिया गया था सैंपल
यह पूरा मामला इस साल मार्च महीने में नई दिल्ली में आयोजित ‘वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स’ से जुड़ा हुआ है। 11 मार्च को पुरुषों की एफ-55 (F55) भाला फेंक स्पर्धा के दौरान अनमोल का यूरीन सैंपल लिया गया था। प्रयोगशाला की जांच में उनके सैंपल में ‘DHCMT’ नाम का एक प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड पाया गया। इसके बाद IPC ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खिलाड़ी को 24 अप्रैल को ही अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था, जिसे अब तीन साल के पूर्ण प्रतिबंध में बदल दिया गया है।
रद्द किए गए मेडल और प्राइज मनी
आईपीसी के सख्त डोपिंग रोधी नियमों के तहत नई दिल्ली ग्रैंड प्रिक्स में अनमोल वशिष्ठ द्वारा हासिल किए गए सभी पदक, अंक, परिणाम और प्राइज मनी को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय समिति ने स्पष्ट किया है कि कोई भी खिलाड़ी अपने शरीर में जाने वाले किसी भी पदार्थ के लिए खुद जिम्मेदार होता है। फिर चाहे खिलाड़ी ने अनजाने में उसका सेवन किया हो, लापरवाही बरती हो या जानबूझकर प्रदर्शन सुधारने के लिए ऐसा किया हो, डोपिंग नियमों के उल्लंघन पर सजा भुगतनी ही पड़ेगी।
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