पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। मस्तुंग जिले में शुक्रवार शाम हथियारबंद लोगों ने एक यात्री वैन को रोककर उसमें सवार 20 प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों को अगवा कर लिया। सूत्रों ने बताया कि इस वारदात के पीछे बलूच अलगाववादियों का हाथ होने का संदेह है। पुलिसकर्मी कलात रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर से छुट्टी लेकर अपने घर जा रहे थे। घटना मस्तुंग के गोरगीना इलाके में हुई। पुलिसकर्मियों के लापता होने के बाद सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। जिले के अलग-अलग इलाकों में चेकपोस्ट बनाकर वाहनों की जांच की जा रही है। आसपास के शहरों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। हालांकि, अगवा पुलिसकर्मियों के बारे में फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
तुरबत के पास मालवाहक ट्रकों में आग लगाने का भी आरोप
मस्तुंग में पुलिसकर्मियों के अपहरण के बीच एक अन्य घटना भी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, हथियारबंद बलूच अलगाववादियों ने तुरबत के पास माल से लदे ट्रकों में आग लगा दी। इस घटना की भी जांच की जा रही है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने बलूचिस्तान में सुरक्षा हालात को लेकर चिंता बढ़ा दी है। मस्तुंग में सुरक्षा बलों की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य अगवा किए गए पुलिसकर्मियों का पता लगाना और हमलावरों तक पहुंचना है। फिलहाल किसी संगठन ने इन घटनाओं की जिम्मेदारी ली है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
बलूचिस्तान में ताजा घटनाएं ऐसे समय हुई हैं, जब प्रांत में कथित जबरन गुमशुदगी और हिरासत में मौतों को लेकर विवाद जारी है। मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर नागरिकों को निशाना बनाने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अधिकारियों की प्रतिक्रिया सामने आना जरूरी है। ‘द बलूचिस्तान पोस्ट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को पसनी में परवेज नाम के एक स्कूल शिक्षक का शव मिला। आरोप है कि इससे एक दिन पहले पाकिस्तानी सुरक्षा बल उन्हें उनके परिवार के सामने अपने साथ ले गए थे। परवेज केच जिले के पेडारक के रहने वाले थे और सरकारी हाई स्कूल बाबर शोर में अरबी पढ़ाते थे। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया था। बाद में शव मिलने पर परिजनों को सौंप दिया गया। पाकिस्तानी अधिकारियों ने उनकी हिरासत और मौत से जुड़े आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई जवाब नहीं दिया है।
शिक्षकों से जुड़े पुराने मामले भी आए सामने
रिपोर्ट में बलूचिस्तान में शिक्षकों के कथित अपहरण और मौत के अन्य मामलों का भी जिक्र किया गया है। अगस्त में बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) ने दावा किया था कि पंजगुर के शिक्षक हथिम बलूच का शव कई सप्ताह बाद मिला। संगठन के मुताबिक, उन्हें वाशबूद के मुख्य बाजार से कथित तौर पर राज्य समर्थित हथियारबंद समूह उठा ले गए थे। इससे पहले जनवरी में आवारान जिले के बेरिथ इलाके में स्कूल शिक्षक अयाज बलूच समेत दो लोगों के शव मिलने की खबर आई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अयाज को अक्टूबर 2025 में हिरासत में लिया गया था। उनके परिवार ने आरोप लगाया था कि हिरासत के दौरान उनकी हत्या की गई। मस्तुंग में आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे हैं। ‘द बलूचिस्तान पोस्ट’ के अनुसार, 9 अक्टूबर को खड़कोचा इलाके में एक घर के बाहर ड्रोन गिरने या हमले की घटना में जावेद हम्माद और अल्लाह बख्श गंभीर रूप से घायल हुए थे। BYC ने आबादी वाले क्षेत्रों में ड्रोन और लड़ाकू विमानों के इस्तेमाल पर चिंता जताई थी। इन घटनाओं से प्रांत में सुरक्षा और मानवाधिकारों को लेकर जारी तनाव फिर सामने आया है।
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