पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी ‘पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ’ (PTI) ने राजधानी इस्लामाबाद में होने वाले अपने बड़े प्रदर्शन को 27 सितंबर से टालकर 4 अक्टूबर कर दिया है। लॉन्ग मार्च की तारीख एक सप्ताह आगे बढ़ने के कारण पाकिस्तान सरकार और राजधानी पुलिस का सुरक्षा खर्च अब दोगुना होकर 1 अरब पाकिस्तानी रुपये से अधिक होने का अनुमान है। वर्ष 2023 से रावलपिंडी की हाई-सिक्योरिटी अदियाला जेल में बंद 73 वर्षीय इमरान खान की रिहाई इस प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की मुख्य मांग है।
कंटेनर और बैरिकेडिंग पर करोड़ों की फिजूलखर्ची
इस्लामाबाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने और सड़कों को सील करने के लिए 1,550 शिपिंग कंटेनर मंगाए हैं। ऑल पाकिस्तान गुड्स अलायंस के अनुसार, सभी साइज के कंटेनर का दैनिक किराया 30,000 रुपये तय किया गया है। इन कंटेनरों का रोजाना किराया 4.65 करोड़ रुपये बैठता है, जिसके तहत दो हफ्तों का कुल किराया ही 65.1 करोड़ रुपये तक पहुँच जाएगा। इसके अलावा पुलिस अधिकारियों के लिए 13 बड़े होटलों में 175 कमरे बुक किए गए हैं तथा 70 कोस्टर, 30 डबल-कैबिन गाड़ियां और बसें भी किराए पर ली गई हैं।
जवानों की तैनाती और भोजन का भारी खर्च
प्रदर्शन से निपटने के लिए इस्लामाबाद पुलिस ने पंजाब से 16 हजार और सिंध से 2 हजार अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की थी। सिंध पुलिस के 2 हजार जवान पहले ही राजधानी में डेरा डाल चुके हैं। इन जवानों के तीन समय के भोजन पर रोजाना 12 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं, जो दो हफ्तों में बढ़कर 1.68 करोड़ रुपये हो जाएगा। तारीख आगे खिसकने के कारण अब पंजाब पुलिस की बड़ी टुकड़ी को भी लंबे समय तक तैनात रखना पड़ेगा, जिससे शुरुआती 82 करोड़ रुपये का बजट पूरी तरह ध्वस्त हो गया है।
राजधानी में धारा 144 लागू और कड़े प्रतिबंध
PTI के मार्च को विफल करने के लिए इस्लामाबाद प्रशासन ने दो महीने के लिए पूरे राजधानी क्षेत्र और हाई-सिक्योरिटी रेड जोन में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू कर दी है। इसके तहत पाँच या उससे अधिक लोगों के एक जगह एकत्र होने, किसी भी प्रकार के जुलूस, रैली या सार्वजनिक सभा करने पर सख्त पाबंदी लगा दी गई है। इसके बावजूद पीटीआई कार्यकर्ता अपनी मांग पर अड़े हुए हैं, जिससे प्रशासन की नींद उड़ी हुई है।
READ MORE: किशनगंज में युवती को घेरकर छेड़छाड़ का वीडियो वायरल, एक आरोपी गिरफ्तार

