HomeBreaking Newsगाजियाबाद में गुलमोहर ग्रीन्स पर हाईकोर्ट का बड़ा हथौड़ा, 2 टावर ढहाने...

गाजियाबाद में गुलमोहर ग्रीन्स पर हाईकोर्ट का बड़ा हथौड़ा, 2 टावर ढहाने का आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद स्थित गुलमोहर ग्रीन्स सोसायटी में हुए अवैध निर्माण के खिलाफ बेहद कड़ा फैसला सुनाते हुए दो पूरे टावरों को पूरी तरह ध्वस्त करने का आदेश दिया है। जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस सुधांशु चौहान की खंडपीठ ने सोसायटी के टावर नंबर 27 और 28 को पूरी तरह से जमींदोज करने का सख्त निर्देश जारी किया है। इसके अलावा, चार अन्य टावरों में नियम ताक पर रखकर बनाए गए अवैध मंजिलों को गिराने के आदेश दिए गए हैं।

चार टावरों के दो-दो फ्लोर 2 महीने में गिराए जाएंगे

अदालत के निर्देशानुसार, टावर नंबर 16, 17, 18 और 19 की अवैध रूप से बनाई गई 9वीं और 10वीं मंजिल को अगले दो महीने की समयसीमा के भीतर गिराया जाएगा। इस ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) को पुलिस प्रशासन पूरी सुरक्षा सहायता प्रदान करेगा। कोर्ट ने यह साफ किया है कि इस पूरी तोड़फोड़ की कार्रवाई में जो भी वित्तीय खर्च आएगा, उसकी वसूली बिल्डर से भू-राजस्व के बकाये के रूप में की जाएगी।

बिल्डर पर 25 लाख का भारी जुर्माना और खरीदारों को 10% ब्याज

अवैध निर्माण और मनमानी करने पर हाईकोर्ट ने बिल्डर पर 25 लाख रुपये का हर्जाना ठोका है। यह राशि एक महीने के अंदर सोसायटी की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (GGRWA) के खाते में जमा करानी होगी। वहीं, प्रभावित 85 फ्लैट खरीदारों को बड़ी राहत देते हुए अदालत ने उनकी पूरी रकम 10 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाने के निर्देश दिए हैं।

GDA की लापरवाही पर फटकार

हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की ढिलाई और लापरवाही पर भारी नाराजगी जाहिर की है। अदालत ने जीडीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आदेश दिया कि कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाले प्रत्येक याचिकाकर्ता को जीडीए द्वारा 50-50 हजार रुपये का हर्जाना दिया जाए।

एडिशनल CP करेंगे आपराधिक जांच

कानूनी शिकंजा कसते हुए कोर्ट ने बिल्डर के खिलाफ दो सप्ताह में एफआईआर दर्ज कर धोखाधड़ी और यूपी अपार्टमेंट एक्ट के उल्लंघन की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। इस उच्चस्तरीय मामले की जांच एडिशनल सीपी स्तर के अधिकारी करेंगे। इसके साथ ही, वर्ष 2018 में दर्ज एक एफआईआर में बिना उचित तफ्तीश के बिल्डर को क्लीन चिट देने वाले तत्कालीन विवेचक सुरेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

याचिकाकर्ताओं ने फैसले का किया स्वागत

अदालत के इस ऐतिहासिक और कड़े रुख के बाद गुलमोहर ग्रीन्स के निवासियों और याचिकाकर्ताओं ने राहत की सांस ली है। याचिकाकर्ताओं ने बेंच के फैसले का खुलकर स्वागत किया है और कहा है कि इस निर्णय से बिल्डरों और भ्रष्ट अधिकारियों की सांठगांठ पर लगाम लगेगी और पीड़ित होमबायर्स को न्याय मिल सकेगा।

 

READ MORE: BJP का बड़ा दांव, मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव लड़ेंगे केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी!

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments