Cyclosinone Herbicide: ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों से जुड़ी बड़ी खबर है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने अमेजन, फ्लिपकार्ट और जियोमार्ट के खिलाफ कार्रवाई की है। इन प्लेटफॉर्म पर बिना जरूरी पंजीकरण और जानकारी के कृषि-रसायन उत्पाद की बिक्री और विज्ञापन करने का मामला सामने आया है। कार्रवाई ‘साइक्लोसिनोन हर्बीसाइड’ की ऑनलाइन बिक्री और एड से जुड़ी है।
लाखों रुपये का लगाया जुर्माना
CCPA ने मामले में अमेजन और फ्लिपकार्ट पर 10-10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, जबकि जियोमार्ट पर 5 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। आदेश रिकॉर्ड के अनुसार अमेजन के खिलाफ आदेश 16 सितंबर 2026 को जारी हुआ, जबकि फ्लिपकार्ट और जियोमार्ट के मामले में 22 सितंबर 2026 को आदेश दिया गया।
ऑनलाइन लिस्टिंग में मिली खामी
जांच के दौरान सामने आया कि तीनों प्लेटफॉर्म पर साइक्लोसिनोन हर्बीसाइड की बिक्री की जा रही थी, लेकिन उत्पाद में मौजूद सक्रिय रासायनिक तत्व का नाम और इंग्रेडिएंट से जुड़ी जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई थी। कृषि-रसायनों की बिक्री और इस्तेमाल के लिए निर्धारित नियमों के पालन को लेकर इसी वजह से सवाल उठे।
कृषि मंत्रालय ने दी अहम जानकारी
जांच के दौरान कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने CCPA को बताया कि साइक्लोसिनोन नाम का कोई रसायन कीटनाशक अधिनियम, 1968 की अनुसूची में शामिल नहीं है। इसके बाद इस हर्बीसाइड की बिक्री और मार्केटिंग के लिए जरूरी जांच और मंजूरी से जुड़े पहलुओं पर सवाल उठे।
शिकायत से शुरू हुआ पूरा मामला
इस कार्रवाई की शुरुआत कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की शिकायत के बाद हुई। यह शिकायत क्रॉप केयर फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से की गई थी। इसके बाद CCPA ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कृषि-रसायनों की लिस्टिंग और उनसे जुड़ी जानकारी की जांच की।
अमेजन पर बिक चुकी थीं हजारों यूनिट
CCPA के आदेश के मुताबिक, अमेजन पर अब तक साइक्लोसिनोन हर्बीसाइड के *38,410 ऑर्डर* किए गए थे और कुल 43,634 यूनिट की बिक्री हुई। इन बिक्री की कुल कीमत 96.42 लाख रुपये बताई गई है। जांच में यह भी देखा गया कि ऑनलाइन लिस्टिंग में जरूरी उत्पाद संबंधी जानकारी उपलब्ध नहीं थी।
बिक्री और विज्ञापन तुरंत रोकने का आदेश
CCPA ने तीनों कंपनियों को साइक्लोसिनोन हर्बीसाइड की बिक्री और उसके विज्ञापन को तुरंत बंद करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अमेजन, फ्लिपकार्ट और जियोमार्ट को अपने-अपने प्लेटफॉर्म का स्व-ऑडिट करने के लिए कहा गया है।
15 दिन में देनी होगी रिपोर्ट
स्व-ऑडिट का उद्देश्य ऐसे उत्पादों की पहचान करना है जो कानून का उल्लंघन कर सकते हैं या जिनसे उपभोक्ताओं की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। CCPA के आदेश के मुताबिक तीनों कंपनियों को आदेश मिलने के 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट जमा करनी होगी।
Read More:

