राजधानी में अवैध शराब की बिक्री और अंतरराज्यीय तस्करी पर नकेल कसने के लिए आबकारी विभाग ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई की है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती पांच महीनों (अप्रैल से अगस्त 2026) के दौरान विभाग ने कुल 725 एफआईआर दर्ज कर 730 तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा है। इस दौरान अवैध शराब की ढुलाई में शामिल 197 वाहनों को जब्त किया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि सरकार शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और नई आबकारी नीति के जरिए सार्वजनिक सुरक्षा व जिम्मेदार नियमन को प्राथमिकता दी जा रही है।
पिछले साल के मुकाबले दोगुनी हुई सख्त कार्रवाई
आबकारी विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष प्रवर्तन गतिविधियों में ऐतिहासिक तेजी आई है। बीते वित्त वर्ष 2025-26 की समान अवधि (अप्रैल से अगस्त 2025) में 315 एफआईआर दर्ज की गई थीं और 312 लोग गिरफ्तार हुए थे। उस दौरान 112 वाहन और करीब 1 लाख शराब की बोतलें बरामद की गई थीं। इसके विपरीत, इस वर्ष बरामदगी का आंकड़ा दोगुने से अधिक बढ़कर लगभग 2.20 लाख बोतल अवैध शराब तक पहुंच गया है। इसके अतिरिक्त नियम तोड़ने वाले लाइसेंस प्राप्त परिसरों पर शिकंजा कसते हुए 7 एफआईआर दर्ज कर संबंधित बार को सील कर दिया गया है।
दिल्ली के 70 बॉर्डर पॉइंट्स पर कड़ा पहरा
राजधानी की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए तस्करी रोकना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। दिल्ली की सीमाएं पड़ोसी राज्यों से सटी हुई हैं और यहां छोटे-बड़े मिलाकर लगभग 70 प्रवेश मार्ग हैं, जहां से अवैध शराब लाने की कोशिश की जाती है। इन रास्तों से तस्करी के खतरे को बेअसर करने के लिए आबकारी विभाग का प्रवर्तन विंग दिन-रात कड़ी निगरानी रख रहा है। संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ मौके पर ही कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
त्योहारी सीजन में आपूर्ति और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
आगामी त्योहारों के मद्देनजर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्लीवासियों की सुविधा के लिए वैध शराब की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके साथ ही अवैध तस्करी को पूरी तरह रोकने के लिए प्रवर्तन विंग को अलर्ट पर रखा गया है। सरकार एक ऐसी असरदार आबकारी नीति तैयार कर रही है जो न केवल सार्वजनिक सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी, बल्कि राज्य के राजस्व में भी बढ़ोतरी करेगी। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ यह सख्त अभियान आगे भी बिना किसी रियायत के जारी रहेगा।
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