समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के बाद उनके खिलाफ एक नया मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, जौहर यूनिवर्सिटी और कुछ ठेकेदारों के नाम भी शामिल हैं। ऐसे में दो पैन कार्ड रखने के मामले में राहत मिलने की स्थिति में भी आजम खान की जेल से रिहाई अन्य मुकदमों और उनमें मिलने वाली कानूनी राहत पर निर्भर करेगी।
जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण खर्च पर ED ने उठाए सवाल
ED की जांच के बाद रामपुर के अजीमनगर थाने में 13 अक्टूबर की रात FIR दर्ज की गई थी। यह कार्रवाई ED के डिप्टी डायरेक्टर पीयूष एस थोर्ट की शिकायत के आधार पर हुई। आरोप है कि जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण पर करीब 494.46 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि आयकर रिटर्न में केवल 78.32 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च दर्शाया गया। जांच एजेंसी के आरोप के मुताबिक, दोनों आंकड़ों के बीच करीब 416 करोड़ रुपये का अंतर है, जिसका हिसाब स्पष्ट नहीं किया गया। मामले की जांच के सिलसिले में ईडी की चार सदस्यीय टीम रामपुर जिला जेल पहुंची थी। अधिकारियों ने वहां बंद आजम खान से करीब आठ घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद टीम ने अजीमनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की विवेचना सीओ टांडा पंकज पंत को सौंपी है।
सरकारी जमीन और धन के इस्तेमाल को लेकर भी आरोप
इस मामले में भाजपा के रामपुर शहर विधायक आकाश सक्सेना की शिकायत के बाद जांच आगे बढ़ी। आरोप है कि जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण के दौरान 26 किसानों की जमीन और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया। इसके अलावा, सरकारी विभागों और ठेकों से जुड़े धन का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी के निर्माण में किए जाने और बाद में संबंधित संपत्तियों का मालिकाना हक ट्रस्ट को दिए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। शुरुआती जांच में करीब 85.81 करोड़ रुपये के ऐसे निर्माण कार्यों का उल्लेख किया गया है, जिन्हें कथित तौर पर सरकारी धन से कराया गया और बाद में यूनिवर्सिटी को सौंप दिया गया। पुलिस अधीक्षक अनिल सिंह सिसोदिया के मुताबिक, ईडी की रिपोर्ट के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि, जमीन और सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
पैन कार्ड मामले में हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम ने दो पैन कार्ड रखने के मामले में मिली सजा के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की हैं। इस मामले में अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। कानूनी जानकारों के मुताबिक, यदि दोनों को इस मामले में राहत मिलती भी है, तो अन्य लंबित मुकदमे उनकी रिहाई में बाधा बन सकते हैं। ईडी की जांच के बाद दर्ज नया मामला भी इसी कानूनी स्थिति को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में उन्हें जेल से बाहर आने के लिए संबंधित मामलों में जरूरी जमानत या अन्य न्यायिक राहत हासिल करनी होगी।
Read More
वाराणसी के आसमान में दिखेगा वायुसेना का शौर्य! फाइटर जेट्स की गर्जना से गूंजेगी काशी…


[…] […]