Australian PM Praise PM Modi: एंथनी अल्बनीज ने भारत में ऊर्जा तक पहुंच के विस्तार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्रेय दिया है। अमेरिका में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘PM मोदी को इसका क्रेडिट दिया जाना चाहिए कि उनके कार्यकाल में भारत में जितने लोगों को ऊर्जा तक पहुंच मिली है उतनी मानव इतिहास के किसी भी दशक, किसी भी क्षेत्र या किसी भी देश में नहीं मिली।’ यह टिप्पणी भारत में बिजली और स्वच्छ ऊर्जा की पहुंच बढ़ाने के संदर्भ में की गई।
ऊर्जा क्षमता में बड़ा विस्तार
भारत की ऊर्जा व्यवस्था में बीते वर्षों में क्षमता का विस्तार हुआ है। ऊर्जा संबंधी उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 1999 के बाद देश की प्राथमिक ऊर्जा आपूर्ति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिसमें कोयले के साथ नवीकरणीय और परमाणु ऊर्जा की हिस्सेदारी भी बढ़ी है। हालांकि भारत की ऊर्जा व्यवस्था में कोयले की भूमिका अभी भी महत्वपूर्ण बनी हुई है।
552 GW के पार पहुंची क्षमता
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जुलाई 2026 तक भारत की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता करीब 552 GW थी। वहीं 31 जुलाई 2026 तक गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता 300.50 GW हो गई, जो कुल स्थापित क्षमता का 54 फीसदी से अधिक है। इसमें सौर, पवन, जलविद्युत और परमाणु ऊर्जा शामिल हैं।
साल में रिकॉर्ड क्षमता जुड़ी
वित्त वर्ष 2025-26 में जनवरी 2026 तक ही भारत ने 52,537 MW नई बिजली उत्पादन क्षमता जोड़ी थी। इसमें 39,657 MW नवीकरणीय ऊर्जा से आई, जिसमें 34,955 MW सौर और 4,613 MW पवन ऊर्जा क्षमता शामिल थी। सरकार के अनुसार यह उस समय तक एक वित्त वर्ष में दर्ज सबसे अधिक क्षमता वृद्धि थी।
सौर ऊर्जा में तेज बढ़ोतरी
भारत की सौर क्षमता भी 2014 के करीब 2.8 GW से बढ़कर 31 जुलाई 2026 तक 164.59 GW हो गई। सरकार के अनुसार सौर ऊर्जा अब देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का सबसे बड़ा हिस्सा है। FY 2025-26 में गैर-जीवाश्म क्षमता में रिकॉर्ड 55.29 GW की वार्षिक वृद्धि भी दर्ज की गई।
पीएम सूर्य घर योजना का विस्तार
घरों तक सौर ऊर्जा पहुंचाने के लिए शुरू की गई पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत अगस्त 2026 तक 51.58 लाख से ज्यादा परिवार रूफटॉप सोलर से लाभान्वित हो चुके थे। योजना के तहत करीब 14.8 GW रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित की जा चुकी थी और लगभग 19 लाख परिवारों को किसी महीने शून्य बिजली बिल की सूचना मिली थी।
उज्ज्वला से स्वच्छ ईंधन की पहुंच
ऊर्जा पहुंच का दूसरा बड़ा पहलू खाना पकाने के लिए स्वच्छ ईंधन है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सितंबर 2025 में 25 लाख अतिरिक्त कनेक्शनों को मंजूरी मिलने के बाद कुल PMUY कनेक्शन 10.58 करोड़ तक पहुंचने की जानकारी सरकार ने दी थी। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर ₹300 की लक्षित सब्सिडी और इसके लिए ₹12,000 करोड़ के प्रावधान को भी मंजूरी दी गई थी।
तारीफ के साथ बहस भी जारी
भारत की ऊर्जा क्षमता और स्वच्छ ऊर्जा में बढ़ोतरी के आंकड़े मौजूद हैं, लेकिन देश की ऊर्जा व्यवस्था में कोयले की बड़ी भूमिका भी बनी हुई है। इसलिए अल्बनीज की टिप्पणी को भारत की ऊर्जा पहुंच और क्षमता में विस्तार पर उनकी राय के तौर पर देखा जाना चाहिए, न कि इस निष्कर्ष के रूप में कि भारत पूरी तरह जीवाश्म ईंधन से दूर हो चुका है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि गैर-जीवाश्म क्षमता का विस्तार जारी है, जबकि कुल ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में पारंपरिक स्रोत भी महत्वपूर्ण हैं।
भारत की ऊर्जा यात्रा का अगला लक्ष्य
भारत ने 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म बिजली क्षमता का लक्ष्य रखा है। जुलाई 2026 तक 300.50 GW का आंकड़ा पार हो चुका था, यानी लक्ष्य का 60 फीसदी से ज्यादा हिस्सा हासिल किया जा चुका था। ऐसे में अल्बनीज की टिप्पणी भारत की बढ़ती ऊर्जा क्षमता और पहुंच पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिए गए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बयान के रूप में सामने आई है।
Read More:
यमुना एक्सप्रेसवे बस हादसे पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, प्रदेश सरकार से मांगी पूरी जानकारी

