केरलम हाईकोर्ट ने सबरीमाला श्री धर्मशास्ता मंदिर और मलिकप्पुरम मंदिर के मेलसंथी यानी मुख्य पुजारी के चयन को लेकर एक उम्मीदवार के पक्ष में अंतरिम राहत दी है। त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड की ओर से चयन प्रक्रिया में भाग लेने से अयोग्य घोषित किए गए 56 वर्षीय राजीव एमपी को कोर्ट ने 7 अक्टूबर को होने वाले इंटरव्यू में शामिल होने की अनुमति दी है।
कोर्ट ने क्या कहा?
जस्टिस राजा विजयराघवन वी और जस्टिस केवी जयकुमार की बेंच ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए राजीव को इस साल सबरीमाला-मलिकप्पुरम देवस्वोम के मेलसंथी के चयन से जुड़ी साक्षात्कार प्रक्रिया में अस्थायी तौर पर शामिल होने की अनुमति दी। हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अनुमति अंतिम फैसला नहीं है। बेंच के मुताबिक, यह निर्देश वर्ष 1202 ME यानी 2026-27 के लिए मेलसंथी के चयन से जुड़े मामले में कोर्ट की ओर से बाद में दिए जाने वाले अंतिम आदेश के अधीन रहेगा।
राजीव ने कोर्ट में क्या दलील दी?
राजीव एमपी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड को निर्देश देने की मांग की थी कि उन्हें सबरीमाला श्री धर्मशास्ता मंदिर और मलिकप्पुरम मंदिर के मेलसंथी की नियुक्ति की चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाए। याचिकाकर्ता का कहना है कि वह बोर्ड की ओर से जारी अधिसूचना और चयन प्रक्रिया से जुड़ी गाइडलाइंस में निर्धारित सभी पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। इसके बावजूद उन्हें प्रक्रिया में शामिल होने से अयोग्य घोषित किया गया।
2 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
याचिका पर दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट की बेंच ने कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के साथ याचिकाकर्ता की ओर से पेश किए गए रिकॉर्ड को देखते हुए उन्होंने अंतरिम राहत पाने के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार बनाया है। कोर्ट ने फिलहाल उन्हें इंटरव्यू में शामिल होने की अनुमति दी है। मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को निर्धारित की गई है। अंतिम चयन और नियुक्ति से जुड़े मुद्दे पर कोर्ट के आगे के आदेश का इंतजार रहेगा।
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