Online Shopping: ऑनलाइन शॉपिंग में महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने वाले ग्राहकों के लिए यह मामला बड़ा सबक हो सकता है। क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्विगी इंस्टामार्ट से 70 हजार रुपये का Sony PS5 गेम कंसोल खरीदने वाले एक ग्राहक ने खराबी आने के बाद इसे बदलवाने की कोशिश की, लेकिन Sony India ने वारंटी देने से इनकार कर दिया। कंपनी ने इसकी वजह इनवॉयस पर दर्ज विक्रेता का ऑथराइज्ड डीलर न होना बताया।
70 हजार में खरीदा था PS5
ग्राहक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उसने 27 सितंबर को स्विगी इंस्टामार्ट के जरिए PS5 गेम कंसोल खरीदने के लिए 70 हजार रुपये का भुगतान किया था। उसके मुताबिक कंसोल पूरी तरह सील पैक था और शुरुआत में सही तरीके से काम भी कर रहा था, लेकिन बाद में उसमें खराबी आ गई।
रजिस्ट्रेशन के दौरान सामने आई परेशानी
समस्या तब सामने आई जब ग्राहक ने अपने गेमिंग कंसोल को सोनी के सिस्टम पर रजिस्टर करने की कोशिश की। इसके लिए उससे विक्रेता का नाम, इनवॉयस, सीरियल नंबर और वारंटी कार्ड की तस्वीर अपलोड करने को कहा गया।
सेलर निकला ऑथराइज्ड डीलर नहीं
सोनी इंडिया की ओर से ग्राहक को बताया गया कि स्विगी इंस्टामार्ट पर कंसोल बेचने वाले विक्रेता का नाम पीवाईडी रिटेल प्राइवेट लिमिटेड (अवंतिका) है और इनवॉयस पर भी यही नाम दर्ज है। कंपनी के अनुसार यह सोनी का ऑथराइज्ड डीलर नहीं है। इसी कारण कंसोल को सोनी के सिस्टम पर रजिस्टर नहीं किया जा सका।
इंस्टामार्ट ने मांगी कई बार माफी
ग्राहक के अनुसार, इस मामले में इंस्टामार्ट ने अब तक छह बार माफी मांगी है। हालांकि, ग्राहक का आरोप है कि प्लेटफॉर्म ने समाधान की जिम्मेदारी लेने के बजाय उसे सीधे सोनी से संपर्क करने की सलाह दी। इसके बाद ग्राहक ने राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई और लीगल नोटिस भी भेज दिया है।
सोनी के ऑथराइज्ड सेलर को लेकर जानकारी
ग्राहक के मुताबिक सोनी ने उसे बताया कि स्विगी इंस्टामार्ट पर फिलहाल कंपनी का कोई ऑथराइज्ड डीलर नहीं है। वहीं, जेप्टो पर कुछ सेलर सोनी के ऑथराइज्ड डीलर हैं।
महंगी ऑनलाइन खरीदारी में रखें ध्यान
यह मामला बताता है कि ऑनलाइन किसी महंगे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट को खरीदते समय सिर्फ प्लेटफॉर्म और ब्रांड का नाम देखकर भरोसा करना पर्याप्त नहीं है। ऑर्डर करने से पहले इनवॉयस पर आने वाले सेलर का नाम, उसकी अधिकृत डीलर स्थिति, वारंटी की शर्तें और रिटर्न पॉलिसी जरूर जांच लेनी चाहिए। इससे बाद में खराबी आने पर वारंटी या रिप्लेसमेंट से जुड़ी परेशानी से बचने में मदद मिल सकती है।
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