विश्व की लगभग 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति को नियंत्रित करने वाले होर्मुज जलमार्ग को फिर से खोलने के मुद्दे पर ईरान ने अमेरिका के सामने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। तेहरान ने वाशिंगटन को दो टूक चेतावनी दी है कि जब तक उसकी 7 प्रमुख शर्तें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को किसी भी कीमत पर नहीं खोला जाएगा। अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी के बीच ईरान के इस सख्त फैसले से अंतरराष्ट्रीय बाजार में हड़कंप मच गया है।
7 शर्तों पर अड़ा तेहरान, 7 दिन में खोलने का दिया ऑफर
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गलिबाफ ने रविवार को स्पष्ट किया कि इस्लामाबाद समझौते के तहत तय की गई 7 शर्तों के बिना मार्ग का खुलना असंभव है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की तरफ से मध्यस्थों के जरिए कई प्रस्ताव आए हैं, लेकिन एकतरफा मांगें थोपने का दौर अब खत्म हो चुका है। वहीं, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने विदेशी राजनयिकों से बात करते हुए कहा कि यदि अमेरिका ईरान की शर्तों और प्रतिबद्धताओं को स्वीकार कर लेता है, तो अगले 7 दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों की आवाजाही के लिए दोबारा चालू किया जा सकता है।
सैन्य कार्रवाई का करारा जवाब देने को तैयार ईरान
कूटनीतिक समाधान पर जोर देने के साथ-साथ ईरान ने अमेरिका को कड़ा सैन्य संदेश भी दिया है। विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि तेहरान कूटनीति के जरिए मामले को सुलझाना चाहता है, लेकिन अगर वाशिंगटन ने दोबारा सैन्य रास्ता चुना, तो ईरान अपनी रक्षा के लिए पहले से कहीं अधिक मजबूत और तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी अमेरिकी दुस्साहस का इस बार बेहद सख्त और मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
कच्चे तेल के दामों में उबाल, 100 डॉलर के पार क्रूड
ईरान और अमेरिका के बीच जारी इस तनातनी का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बनी हुई हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 92 डॉलर के करीब पहुंच गया है। इसके अलावा मर्बन क्रूड का भाव 110.8 डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुंचा है, जिससे आने वाले दिनों में दुनिया भर में ईंधन महंगा होने का खतरा मंडरा रहा है।
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