मुंबई के शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की है। शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में प्रदर्शन के आयोजकों के अलावा 400 से 500 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, केस में सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है।
BNS और महाराष्ट्र पुलिस एक्ट की धाराओं में मामला
पुलिस के अनुसार, शिवाजी पार्क थाने में क्राइम नंबर 515/26 दर्ज किया गया है। मामले में BNS की धारा 189 और 223 के साथ महाराष्ट्र पुलिस एक्ट की धारा 37(1)(3) और 135 लगाई गई हैं। FIR प्रदर्शन के आयोजकों और प्रदर्शन में शामिल 400-500 अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की गई है। पुलिस अब मामले से जुड़े घटनाक्रम, आयोजकों की भूमिका और प्रदर्शन में शामिल लोगों से संबंधित जानकारी जुटा रही है।
NHRC ने लिया था संज्ञान
इससे पहले 2 अक्टूबर के प्रदर्शन को लेकर नाबालिग बच्चों की भागीदारी और उनकी तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने की शिकायत भी सामने आई थी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस शिकायत पर मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत संज्ञान लिया था। शिकायत सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन के हेड ऑफ इंटरवेंशन सतीश वैद ने दर्ज कराई थी। इसके बाद NHRC ने मुंबई पुलिस कमिश्नर, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत में X Corp. के ग्रिवांस ऑफिसर और महाराष्ट्र के महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रधान सचिव को नोटिस जारी किया था।
डिजिटल सबूतों की जांच के निर्देश
NHRC ने मुंबई पुलिस को प्रदर्शन से जुड़े फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री की जांच करने को कहा था। आयोग ने यह भी निर्देश दिया था कि यदि जांच में कोई संज्ञेय अपराध सामने आता है तो FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा यह पता लगाने के लिए भी जांच के निर्देश दिए गए थे कि नाबालिग बच्चे किन परिस्थितियों में प्रदर्शन में शामिल हुए। आयोजकों, समन्वयकों और उनके साथ मौजूद वयस्कों की भूमिका की भी जांच करने को कहा गया था। संबंधित अधिकारियों से एक सप्ताह के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) मांगी गई थी।
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