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‘आज मजबूत है Financial System लेकिन…’, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने दी बड़ी चेतावनी, बोले- कल के खतरे को लेकर रहना होगा सतर्क

RBI Governor Sanjay Malhotra: RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने वित्तीय प्रणाली की मजबूती को लेकर सतर्क रहने की जरूरत बताई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में वित्तीय तंत्र मजबूत दिखाई दे रहा है, लेकिन इसे भविष्य के जोखिमों से सुरक्षा की गारंटी नहीं माना जा सकता। उनके मुताबिक वित्तीय स्थिरता का उद्देश्य सिर्फ झटकों को रोकना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार करना होना चाहिए, जो बड़े दबाव के बीच भी अपनी जरूरी सेवाएं जारी रख सके।

कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन में रखी बात

मल्होत्रा ने यहां कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए वित्तीय स्थिरता से जुड़ी अपनी प्राथमिकताओं पर बात की। उन्होंने नीति निर्माताओं के लिए पांच प्राथमिकताओं का उल्लेख किया और कहा कि आंतरिक या बाहरी वित्तीय झटकों को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है। ऐसे में व्यवस्था की क्षमता बढ़ाना जरूरी है, ताकि किसी संकट का असर सीमित किया जा सके।

बैंकों और NBFC की मजबूती का जिक्र

आरबीआई गवर्नर ने बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के मजबूत बही-खातों के आधार पर वित्तीय प्रणाली की मौजूदा स्थिति का उल्लेख किया। हालांकि उन्होंने साफ किया कि वर्तमान मजबूती को भविष्य के लिए पर्याप्त सुरक्षा नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा, ‘आज की मजबूती का मतलब कल की सुरक्षा नहीं हो सकता। हम आने वाली कमजोरियों को लेकर सतर्क रहने और अपनी वित्तीय प्रणाली को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

संकट का नया कारण बन सकते हैं साइबर हमले

मल्होत्रा ने भविष्य में सामने आने वाले व्यवस्थागत जोखिमों के स्वरूप को लेकर भी चेताया। उन्होंने कहा कि अगला वित्तीय संकट जरूरी नहीं है कि किसी बैंक या वित्तीय क्षेत्र के भीतर से ही शुरू हो। किसी वैश्विक घटना, साइबर हमले या तकनीकी विफलता से भी संकट पैदा हो सकता है और अलग-अलग रास्तों के जरिए इसका असर पूरी वित्तीय प्रणाली पर पड़ सकता है।

नेटवर्क और आपसी निर्भरता समझना जरूरी

उन्होंने वित्तीय नेटवर्क में मौजूद आपसी निर्भरता और एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक संकट के फैलने के रास्तों को बेहतर तरीके से समझने की जरूरत बताई। इसके लिए अधिक बारीक और बेहतर आंकड़ों के आधार पर निगरानी और जोखिम के आकलन की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया।

सिर्फ बैंक मजबूत हों, इतना काफी नहीं

मल्होत्रा ने कहा कि वित्तीय मजबूती पूरे तंत्र के स्तर पर सुनिश्चित की जानी चाहिए। मजबूत बैंकिंग प्रणाली जरूरी है, लेकिन अकेले इससे वित्तीय व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता। मजबूती गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों, वित्तीय बाजारों, भुगतान प्रणालियों, प्रौद्योगिकी ढांचा प्रदाताओं, अहम तीसरे पक्षों और सीमा-पार वित्तीय नेटवर्कों में भी जरूरी है।

दबाव में भी सेवाएं जारी रखना लक्ष्य

आरबीआई गवर्नर के मुताबिक वित्तीय स्थिरता का वास्तविक लक्ष्य संकट की हर संभावना को खत्म करना नहीं, बल्कि ऐसी प्रणाली तैयार करना है जो किसी बड़े आंतरिक या बाहरी झटके के बावजूद काम करती रहे। इसके लिए लगातार निगरानी, बेहतर जोखिम आकलन और वित्तीय तंत्र के सभी महत्वपूर्ण हिस्सों की मजबूती पर ध्यान देना जरूरी होगा।

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Yogita Tyagi
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योगिता त्यागी एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें राजनीति, मनोरंजन, धर्म और लाइफस्टाइल विषयों में विशेष रुचि है। वर्तमान में वह Mhone News के राजनीतिक, धर्म और मनोरंजन सेक्शन के लिए सक्रिय रूप से लेखन कर रही हैं। डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, उन्होंने अपने करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों- जैसे दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, इंडिया डेली लाइव और ITV नेटवर्क में योगदान दिया है। योगिता ने गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) से मास कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उनके डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में गहन, प्रभावशाली और विश्वसनीय लेखन की मजबूत नींव रखी है।
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