गाजियाबाद में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बनकर लोगों को जान से मारने की धमकी देने के आरोप में 20 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी WhatsApp Business अकाउंट पर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की तस्वीर लगाकर और गैंग का नाम लिखकर लोगों को डराता था। पुलिस के मुताबिक, वह सोशल मीडिया से लोगों के मोबाइल नंबर जुटाता और फिर वॉयस मैसेज भेजकर खुद को गैंग का सदस्य बताता था। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से उसकी पहचान की गई, जिसके बाद 27 अक्टूबर 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मैसेज भेजकर दी जान से मारने की धमकी
पुलिस के अनुसार, 18 अक्टूबर 2026 को गाजियाबाद के विजय नगर निवासी आरव शर्मा के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से WhatsApp के जरिए दो वॉयस मैसेज आए थे। इन संदेशों में भेजने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए आरव शर्मा को जान से मारने की धमकी दी थी।शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। इस संबंध में विजय नगर थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए गाजियाबाद अपराध शाखा और सर्विलांस टीम को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
सोशल मीडिया पर गैंग से जुड़ी सामग्री देखकर हुआ प्रभावित
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अंशु प्रजापति के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले में महाराजगंज थाना क्षेत्र के अमौनी गांव का निवासी है। पुलिस के मुताबिक, उसने अपने WhatsApp Business अकाउंट की प्रोफाइल फोटो पर लॉरेंस बिश्नोई की तस्वीर लगाई थी। अकाउंट के विवरण में भी उसने गैंग का नाम लिख रखा था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2025 में पुणे की एक कंपनी में काम करने गया था। वहां दोस्तों के साथ रहते हुए वह Instagram, Facebook और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करता था। इसी दौरान उसने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ी रील और दूसरी सामग्री देखी, जिससे वह प्रभावित हो गया। इसके बाद उसने अपने मोबाइल नंबर से WhatsApp Business अकाउंट बनाया और उस पर गैंग से जुड़ी पहचान प्रदर्शित करनी शुरू कर दी।
लोगों के नंबर जुटाकर भेजता था धमकी भरे संदेश
पुलिस के अनुसार, अंशु सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के मोबाइल नंबर हासिल करता था। इसके बाद वह WhatsApp पर वॉयस मैसेज भेजकर उन्हें डराता और गैंग का सदस्य होने का दावा करता था। पुलिस का कहना है कि इस तरीके से वह लोगों के बीच भय पैदा करने की कोशिश करता था।फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसने कितने लोगों को इस तरह धमकाया और क्या इस मामले से जुड़े अन्य तथ्य भी सामने आते हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर गैंग से जुड़ी सामग्री से प्रभावित होकर उसकी पहचान का इस्तेमाल किया था।
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