उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) की 11 सीटों के लिए शुक्रवार को मतदान की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो गई। सुबह 8 बजे से शुरू हुआ यह मतदान शाम 4 बजे तक चला, जिसमें 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की तरफ से व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे और कुल 11 प्रेक्षक, 1,041 सेक्टर मजिस्ट्रेट व 456 जोनल मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे।
इन सीटों पर रहा सबसे ज्यादा रुझान
शाम 4 बजे तक सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न सीटों पर मतदान का प्रतिशत अलग-अलग रहा। वाराणसी खंड शिक्षक सीट पर सबसे अधिक 75.48 फीसदी मतदान दर्ज किया गया, जबकि मुरादाबाद-बरेली खंड शिक्षक सीट पर 75.31 प्रतिशत वोट पड़े। इसके अलावा, लखनऊ खंड शिक्षक सीट पर 63.14%, वाराणसी खंड स्नातक सीट पर 50.46%, इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक सीट पर 44.58% और लखनऊ खंड स्नातक सीट पर 40.23% मतदान हुआ।
कुल मतदाता और मैदान में प्रत्याशी
कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव को छोड़कर प्रदेश के शेष 72 जिलों में यह चुनाव कराया गया। इस बार कुल 14,81,310 मतदाताओं के लिए 2,697 मतदेय स्थल बनाए गए थे, जहां कुल 152 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, कौशांबी में 20,140 मतदाताओं में से 8,172 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
पहचान के लिए मान्य थे ये दस्तावेज
मतदाताओं को अपनी पहचान सुनिश्चित करने के लिए कई तरह के वैध दस्तावेजों के इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी। इनमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, सरकारी सेवा पहचान पत्र, विश्वविद्यालय द्वारा जारी मूल डिग्री या डिप्लोमा और दिव्यांगता संबंधी मूल प्रमाण पत्र शामिल रहे। अब सभी की निगाहें चुनाव परिणामों पर टिकी हैं।
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