फ्रांस में महंगाई, बढ़ते जीवन-यापन खर्च और सरकारी नीतियों के खिलाफ जारी छात्र एवं ट्रेड यूनियन आंदोलनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। 17 और 18 अक्टूबर 2026 को प्रदर्शनों के हिंसक होने, लूटपाट और आगजनी की खबरों के बीच ट्रंप ने फ्रांस की स्थिति पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। वहीं, वेंस ने पश्चिमी देशों की उदारवादी आप्रवासन और विविधता नीतियों को निशाने पर लिया। अमेरिकी नेतृत्व की इन टिप्पणियों ने फ्रांस के आंतरिक संकट को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया है।
‘फ्रांस चलें और क्रांति में शामिल हो जाएं’
शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने फ्रांस में जारी उथल-पुथल पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “चलो चीन या जापान घूम आते हैं। या फिर फ्रांस चलें? कितनी प्यारी जगह है। कोई दंगे नहीं, कोई क्रांतियां नहीं! आप तो जानते ही हैं, फ्रांस क्रांति करने के लिए कितना मशहूर है। चलो फ्रांस चलें और वहां की क्रांति में शामिल हो जाएं।” ट्रंप की टिप्पणी फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों के हिंसक रूप लेने के बीच आई है। महंगाई और जीवन-यापन के बढ़ते खर्च के साथ सरकारी नीतियों को लेकर नाराजगी के कारण सरकार पर दबाव बढ़ा हुआ है। ऐसे माहौल में अमेरिकी राष्ट्रपति का तंज फ्रांस के राजनीतिक हालात पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही प्रतिक्रियाओं को दर्शाता है।
जेडी वेंस ने आप्रवासन नीतियों पर साधा निशाना
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फ्रांस के लि मोगेस टाउन हॉल में आग लगने की वीडियो क्लिप साझा की। इसके साथ उन्होंने पश्चिमी देशों की आप्रवासन और विविधता से जुड़ी नीतियों की आलोचना की। वेंस ने आरोप लगाया कि पश्चिमी उदारवादी नेताओं ने विविधता और दयालुता के नाम पर ‘तीसरी दुनिया’ के लोगों को फ्रांस और दूसरे देशों में बसाया, लेकिन सांस्कृतिक अनुकूलन और सामाजिक तालमेल जैसे जरूरी सवालों को नजरअंदाज किया। उन्होंने दावा किया कि इन नीतियों के संभावित परिणामों को लेकर पहले चेतावनी दी गई थी, लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया।
मैक्रॉन सरकार पर बढ़ा दबाव
फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और आगजनी की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था तथा सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन की सरकार के सामने आर्थिक असंतोष और राजनीतिक विरोध से निपटने की चुनौती है। हालांकि, हिंसा के कारणों को लेकर ट्रंप और वेंस की टिप्पणियां उनके राजनीतिक नजरिये को दर्शाती हैं। वेंस ने घटनाओं को आप्रवासन और विविधता नीतियों से जोड़ा है, लेकिन इन दावों को हिंसा का स्थापित कारण मानने के लिए स्वतंत्र प्रमाण जरूरी हैं। फ्रांस में जारी घटनाक्रम पर अब घरेलू राजनीति के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रखी जा रही है।
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