अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने गूगल के सीईओ(Google CEO) सुंदर पिचाई से अटलांटिक महासागर का नाम बदलने के बारे में बात की थी। ट्रंप की इच्छा थी कि इस महासागर के नाम में उनका नाम शामिल किया जाए। हालांकि, उनके मुताबिक सुंदर पिचाई ने इस सुझाव को स्वीकार नहीं किया। इस कथित बातचीत की गूगल की ओर से स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रंप ने बातचीत का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने सुंदर पिचाई से पूछा था कि क्या गूगल मैप्स पर अटलांटिक महासागर का नाम बदला जा सकता है। ट्रंप के दावे के अनुसार, पिचाई ने इस विचार को खारिज कर दिया। उन्होंने कथित तौर पर समझाया कि महासागर कई देशों से जुड़े होते हैं, इसलिए उनका नाम बदलना इतना आसान नहीं है। ट्रंप के मुताबिक, पिचाई ने साफ कर दिया कि वह इस बार ऐसा नहीं करेंगे। इसके बाद ट्रंप ने भी कहा कि वह इस विचार को छोड़ सकते हैं और महासागर को उसके मौजूदा नाम से ही रहने देंगे।
सुंदर पिचाई और सर्गेई ब्रिन की तारीफ की
ट्रंप ने इस प्रसंग के दौरान सुंदर पिचाई और गूगल के सह-संस्थापक सर्गेई ब्रिन की तारीफ भी की। उन्होंने दोनों को काफी प्रतिभाशाली बताया। ट्रंप ने यह भी कहा कि अटलांटिक और प्रशांत महासागर के नामों में उनकी खास दिलचस्पी है। हालांकि, उन्होंने दूसरे महासागरों के नाम में अपना या अमेरिका का नाम जोड़ने की इच्छा से इनकार किया।
पहले भी उठा चुके हैं नाम बदलने का मुद्दा
अटलांटिक महासागर का नाम बदलने का विचार ट्रंप पहले भी सार्वजनिक रूप से उठा चुके हैं। द वॉशिंगटन पोस्ट की 10 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने टेनेसी के क्लार्क्सविल में एक रैली के दौरान ‘ट्रंप ओशन’ और ‘ओशन ऑफ द अमेरिकाज’ जैसे नामों का सुझाव दिया था। इस पर वहां मौजूद लोगों ने हंसी और तालियों से प्रतिक्रिया दी थी।
बाद में ट्रंप ने इस सुझाव को मजाक बताया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने गूगल को ‘द ट्रंप ओशन’ नाम वाली तस्वीर भेजी थी, लेकिन कंपनी ने उनके सुझाव को स्वीकार नहीं किया। फिलहाल, सुंदर पिचाई के साथ हुई कथित बातचीत को लेकर ट्रंप का बयान ही सामने आया है। गूगल की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।