Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच साढ़े चार साल से ज्यादा समय से जारी युद्ध को लेकर अब शांति की उम्मीद बढ़ती नजर आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध खत्म होने की उम्मीद जताते हुए कहा है कि संघर्ष समाप्त होने के बाद अमेरिका रूस और यूक्रेन, दोनों देशों के साथ कारोबार करेगा। ट्रंप ने यह बात फ्लोरिडा के पाम बीच में अपनी पत्नी और अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप के साथ मतदान करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कही।
ट्रंप ने कारोबार को लेकर क्या कहा
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि रूस और यूक्रेन के बीच सुलह हो जाए, ताकि दोनों देशों के साथ कारोबार किया जा सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि युद्ध समाप्त होने के बाद अमेरिका यूक्रेन और रूस, दोनों के साथ व्यापारिक संबंध आगे बढ़ाएगा। ट्रंप का यह बयान रूस-यूक्रेन संघर्ष के समाधान को लेकर चल रही कूटनीतिक कोशिशों के बीच आया है।
मेलानिया ने सीजफायर पर दी जानकारी
रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर मेलानिया ट्रंप ने भी महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने पोप के समर्थन का जिक्र करते हुए कहा कि रूस और यूक्रेन 27 अक्टूबर से सीजफायर शुरू कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि शांति प्रक्रिया योजना के मुताबिक आगे बढ़ेगी।
पुतिन-जेलेंस्की से बातचीत का दावा
मेलानिया ट्रंप ने कहा कि उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से बातचीत की है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्षों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। ऐसे में 27 अक्टूबर से प्रस्तावित सीजफायर को युद्ध समाप्त करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि, ये दावे दिए गए स्रोत में नेताओं के बयानों के आधार पर हैं।
डेमोक्रेट्स पर ट्रंप का हमला
मतदान के बाद ट्रंप ने अमेरिकी घरेलू राजनीति पर भी बात की और डेमोक्रेट्स पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मिनेसोटा, लॉस एंजिल्स और न्यूयॉर्क का जिक्र करते हुए कहा कि इन जगहों पर भ्रष्टाचार बहुत ज्यादा है। ट्रंप ने भ्रष्टाचार को अपने लिए बड़े राजनीतिक मुद्दों में से एक बताया।
चुनावी गड़बड़ी पर भी दावा
ट्रंप ने चुनाव में कथित गड़बड़ियों और अवैध मतदान का भी दावा किया। उन्होंने लॉस एंजिल्स में हजारों वोटों का जिक्र करते हुए यह संख्या दस लाख तक होने की बात कही। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि स्रोत में उपलब्ध नहीं है, इसलिए इन्हें ट्रंप के दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
क्या होता है मिडटर्म चुनाव?
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच में होते हैं। इन्हें देश की राजनीतिक स्थिति का अहम आकलन माना जाता है। इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की करीब एक-तिहाई सीटों के लिए मतदान होता है। नतीजों से अमेरिकी कांग्रेस में राजनीतिक दलों की ताकत और संघीय सरकार के कामकाज पर सीधा असर पड़ सकता है।
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