उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(CM Yogi) की रायबरेली की एक जनसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मनुस्मृति संबंधी बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र में ही योगी ने मनु और भारतीय काल गणना की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी ऐतिहासिक परंपरा का मूल्यांकन करते समय उसके सकारात्मक पहलुओं को भी समझना चाहिए।
योगी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपने बयानों के जरिए युवाओं और बेटियों को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने राहुल को विरासत और भारतीय परंपराओं के प्रति अधिक जिम्मेदार रवैया अपनाने की सलाह भी दी।
मनु की काल गणना का जिक्र
अपने भाषण में योगी ने प्रहर और काल गणना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में विकसित काल गणना की व्यवस्था को मनु से जोड़कर देखा जाता है। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि यह विरासत उनके परिवार की ओर से नहीं आई है।
योगी ने यह भी कहा कि कोई व्यक्ति मनुस्मृति को स्वीकार करे या न करे यह उसकी व्यक्तिगत पसंद हो सकती है। लेकिन यदि उसकी आलोचना की जाती है तो उससे जुड़े सकारात्मक पक्षों पर भी चर्चा होनी चाहिए।
योगी का सपा-कांग्रेस पर हमला
रायबरेली की जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने एक बच्ची के प्रधानमंत्री को लेकर दिए गए बयान और बाद में मांगी गई माफी का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेताओं को नई पीढ़ी को राजनीतिक विवादों में उलझाने के बजाय जिम्मेदारी से अपनी बात रखनी चाहिए।
रायबरेली के विकास का मुद्दा उठाते हुए योगी ने राजीव गांधी के उस पुराने बयान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्र से भेजे गए एक रुपये में केवल 15 पैसे ही जमीन तक पहुंचते हैं। योगी ने इसी संदर्भ में कांग्रेस और सपा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और अखिलेश यादव के बयानों तथा सपा की राजनीतिक भाषा पर भी कटाक्ष किया।
‘संविधान बनाम मनुस्मृति’ की सियासत
इस विवाद के पीछे कांग्रेस और बीजेपी के बीच विचारधारात्मक टकराव भी दिखाई देता है। राहुल गांधी मनुस्मृति की आलोचना करते हुए सामाजिक न्याय, महिलाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों का मुद्दा उठाते रहे हैं। उनके बयानों को बीजेपी भारतीय परंपरा और विरासत के खिलाफ बताती है।
रायबरेली से योगी का पलटवार
राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली से योगी का हमला राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके जरिए बीजेपी अपने समर्थकों को लामबंद करने के साथ-साथ राहुल के स्थानीय राजनीतिक प्रभाव को चुनौती देने का संदेश देती नजर आई।