BRICS बिजनेस फोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Modi) ने वैश्विक व्यापार को मजबूत करने के लिए सुरक्षित समुद्री मार्गों को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया में व्यापार तभी सुचारू रूप से आगे बढ़ सकता है, जब समुद्री रास्ते सुरक्षित रहें, सामान की आपूर्ति में रुकावट न आए और जहाजों पर काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। भारत इसी सोच के तहत नौवहन की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा का लगातार समर्थन करता है।
प्रधानमंत्री ने भारत की तेजी से बढ़ती स्टार्टअप अर्थव्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि देश में दो लाख से ज्यादा पंजीकृत स्टार्टअप और करीब 120 यूनिकॉर्न हैं। मोदी के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर आर्थिक और व्यापारिक अनिश्चितता के बावजूद भारत विकास और स्थिरता के भरोसेमंद केंद्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई देशों में व्यापार से जुड़ी बाधाएं बढ़ रही हैं, लेकिन भारत इसके उलट दूसरे देशों के साथ आर्थिक संपर्क मजबूत करने और नए व्यापारिक रास्ते बनाने पर काम कर रहा है।
BRICS बिजनेस काउंसिल को दिए लक्ष्य
मोदी ने BRICS बिजनेस काउंसिल से व्यापार को आसान बनाने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने व्यापार में आने वाली 10 प्रमुख बाधाओं पर रिपोर्ट तैयार करने और हर वर्ष 100 BRICS स्टार्टअप को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार में मदद देने की बात कही।
इसके अलावा उन्होंने अगले कुछ वर्षों में 1,000 नई कारोबारी साझेदारियां विकसित करने का लक्ष्य रखने का सुझाव दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन लक्ष्यों पर हर साल प्रगति की समीक्षा भी होनी चाहिए।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में BRICS की बढ़ती भूमिका
मोदी ने कहा कि BRICS देश दुनिया की लगभग आधी आबादी, वैश्विक GDP के करीब 40 प्रतिशत और विश्व व्यापार के लगभग 25 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके मुताबिक, बीते वर्षों में BRICS देशों की आर्थिक वृद्धि वैश्विक अर्थव्यवस्था की तुलना में तेज रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि BRICS देशों में जमीनी स्तर के नवाचार से लेकर अत्याधुनिक तकनीक तक नई संभावनाएं तेजी से विकसित हो रही हैं। भारत में आयोजित बिजनेस फोरम को उन्होंने अब तक का सबसे बड़ा BRICS बिजनेस फोरम बताया।
राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार पर ईरान का जोर
फोरम में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भी वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर चिंता जताई। उन्होंने BRICS देशों के बीच व्यापार में राष्ट्रीय मुद्राओं के इस्तेमाल को बढ़ाने का सुझाव दिया।
उन्होंने व्यापार प्रक्रियाओं को डिजिटल और सरल बनाने, नियमों से जुड़ी बाधाएं कम करने, सीमा-पार बाजारों को विकसित करने और निजी क्षेत्र के संयुक्त निवेश को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। उनके अनुसार, BRICS को अलग-अलग प्रयासों के बजाय धीरे-धीरे एक अधिक एकीकृत व्यापारिक व्यवस्था की दिशा में बढ़ना चाहिए।