Parwinder Singh Jhota Murder Case: पंजाब के मानसा में नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद शुरू हुआ विवाद लगातार जारी है। झोटा के परिवार और समर्थक पिछले एक सप्ताह से प्रदर्शन कर रहे हैं और उनका अंतिम संस्कार अब तक नहीं किया गया है। परिवार की मांग है कि मामले की जांच CBI को सौंपी जाए। परिजनों का कहना है कि जब तक CBI जांच शुरू नहीं होती, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
सरकार ने बातचीत के लिए बनाई कमेटी
लगातार प्रदर्शन के बीच पंजाब सरकार ने मामले को लेकर बातचीत की पहल की है। सरकार ने परिवार से बातचीत के लिए तीन महिला IAS अधिकारियों की कमेटी गठित की है। इसमें कंवलप्रीत कौर बराड़, अपनीत रियात और मानसा की DC नवजोत कौर शामिल हैं। कंवलप्रीत कौर बराड़ फरीदकोट रेंज की कमिश्नर हैं, जबकि अपनीत रियात पहले मानसा की DC रह चुकी हैं।
अमित शाह आज परिवार से कर सकते हैं मुलाकात
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज पंजाब का दौरा करेंगे। इस दौरान, वे नशों के खिलाफ लड़ने वाले उन लोगों के परिवारों से मुलाकात करेंगे, जिन्होंने इसके खिलाफ आवाज उठाते हुए अपनी जान गंवा दी। इस दौरान वे परविंदर सिंह झोटा के परिवार से भी मुलाकात करेंगे। परिवार की मांगों और मामले को लेकर जारी विरोध के बीच इस मुलाकात को अहम माना जा रहा है। शाह मानसा, संगरूर और गुरदासपुर में इन पीड़ितों के परिवारों से मिलेंगे। इसके बाद, शाम को वे लुधियाना के ऐतिहासिक दरेसी मैदान में आयोजित दशहरा कार्यक्रम में शामिल होंगे।
PGI की टीम से पोस्टमार्टम की मांग
झोटा के परिवार ने CBI जांच के साथ उनके शव का पोस्टमार्टम PGI के डॉक्टरों की टीम से कराने की भी मांग की है। परिवार का कहना है कि इन मांगों पर कार्रवाई होने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं इंसाफ कमेटी ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) से परविंदर सिंह झोटा को शहीद का दर्जा देने की मांग भी की है।
13 अक्टूबर को फार्मेसी में हुई थी हत्या
परविंदर सिंह झोटा की हत्या 13 अक्टूबर को एक फार्मेसी में हुई थी। बताया गया कि झोटा ने दुकान के मालिक से उस व्यक्ति के बारे में पूछा था, जिसने कथित तौर पर उसी सुबह वहां से ड्रग्स खरीदे थे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई।
विवाद के दौरान हुई गोलीबारी
बहस के दौरान मामला बढ़ गया और गोलीबारी हो गई। इसमें परविंदर सिंह झोटा की मौत हो गई। घटना के बाद फार्मेसी का मालिक मौके से फरार हो गया था। बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
सोशल मीडिया पर नशा तस्करों को लेकर बनाते थे वीडियो
परविंदर झोटा कथित नशा विक्रेताओं से सवाल करते हुए सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो बनाया करते थे। रिपोर्टों के मुताबिक, हत्या से पहले उनका मेडिकल स्टोर के मालिक अश्वनी कुमार से भी सामना हुआ था। झोटा ने कथित तौर पर अश्वनी कुमार पर सिंथेटिक ड्रग्स बेचने का आरोप लगाया था। इसी घटनाक्रम के बाद दोनों के बीच विवाद हुआ और गोलीबारी में झोटा की जान चली गई।
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