बीजिंग को खुश करने की होड़ में पाकिस्तान ने एक ऐसा विवादित और खतरनाक कदम उठाया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय एविएशन और वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। पाकिस्तान सरकार ने ताइवान की सभी व्यावसायिक एयरलाइंस की उड़ानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को पूरी तरह से बंद करने का फरमान जारी किया है। इस अप्रत्याशित फैसले के बाद पाकिस्तान ताइवान की उड़ानों पर इस तरह का कड़ा प्रतिबंध लगाने वाला वैश्विक स्तर पर पहला देश बन गया है।
‘वन-चाइना पॉलिसी’ के समर्थन का ढिंढोरा पीटने का प्रयास
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट ब्लूमबर्ग के अनुसार, पाकिस्तान ने यह कदम अपनी आधिकारिक ‘वन-चाइना पॉलिसी’ के प्रति पूर्ण निष्ठा और समर्थन प्रदर्शित करने के लिए उठाया है। चीन लंबे समय से ताइवान पर अपना दावा ठोकता आया है, और पाकिस्तान ने बीजिंग के साथ अपने कूटनीतिक और आर्थिक रिश्तों को भुनाने के चक्कर में एविएशन सेक्टर के स्थापित अंतरराष्ट्रीय नियमों को ताक पर रख दिया है।
एशियाई राजनीति में बढ़ा भारी तनाव और बंटवारे का खतरा
विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान का यह एकतरफा फैसला बेहद नुकसानदेह साबित हो सकता है। दुनिया में किसी भी देश ने अब तक ताइवान की व्यावसायिक नागरिक उड़ानों पर इस तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया था। पाकिस्तान के इस उकसावे भरे कदम से पूरे एशिया महाद्वीप में राजनीतिक तनाव बढ़ने और विभिन्न देशों के बीच नए कूटनीतिक बंटवारे का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
अंतरराष्ट्रीय एविएशन रूट्स पर पड़ेगा सीधा असर
ताइवान की कमर्शियल फ्लाइट्स के लिए पाकिस्तानी एयरस्पेस बंद होने से अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों के समय और ईंधन लागत में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में राजनीतिक आधार पर एयरस्पेस बैन करने की इस नई प्रवृत्ति ने वैश्विक एविएशन इंडस्ट्री की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ताइवान और वैश्विक समुदाय पाकिस्तान के इस मनमाने रवैये पर क्या रुख अपनाते हैं।
READ MORE: दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को तोहफा, महंगाई भत्ते में 3% की हुई बढ़ोतरी

