Iran-US Tensions: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नई सैन्य कार्रवाई का संकेत देते हुए कहा है कि समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका एक और बड़ा अभियान चला सकता है। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी में समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल काटने की चेतावनी दी है। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि होर्मुज के नीचे मौजूद सात प्रमुख इंटरनेट केबल उसके निशाने पर हो सकते हैं।
ट्रंप ने दी ‘एपिक फ्यूरी’ दोहराने की धमकी
शुक्रवार को फ्लोरिडा में एक रैली के दौरान ट्रंप ने ईरान को लेकर कहा कि अमेरिका एक और ‘एपिक फ्यूरी’ कर सकता है। ‘एपिक फ्यूरी’ उस अमेरिकी सैन्य अभियान का नाम है, जिसका इस्तेमाल ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई की वजह से किया गया है। ट्रंप का यह बयान तब आया है जब इससे कुछ घंटे पहले एक अमेरिकी दूत ने आशंका जताई थी कि इसी सप्ताह ईरान पर फिर से बड़े हमले हो सकते हैं।
ईरान ने इंटरनेट केबल को बनाया संभावित निशाना
ट्रंप की धमकी के बाद ईरानी अधिकारियों ने भी कड़ा जवाब दिया है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के राजनीतिक मामलों के उप प्रमुख यदोल्लाह जावानी ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका या इजराइल ने ईरान के बुनियादी ढांचे पर दोबारा हमला किया, तो तेहरान खाड़ी में समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल को निशाना बना सकता है।
जावानी के मुताबिक, होर्मुज के नीचे मौजूद सात प्रमुख इंटरनेट केबल ईरान की पहुंच में हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें काटा या पूरी तरह नष्ट किया जा सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि संभावित संघर्ष की स्थिति में समुद्र के नीचे मौजूद संचार ढांचे से लेकर सैन्य ठिकानों तक कोई स्थान सुरक्षित नहीं रहेगा।
इंटरनेट केबल कटने से दुनिया पर पड़ेगा असर
समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल वैश्विक डिजिटल व्यवस्था की रीढ़ मानी जाती हैं। दुनिया के करीब 99 प्रतिशत इंटरनेट ट्रैफिक इन्हीं केबल के जरिए पहुंचता है। ऐसे में कई प्रमुख केबल कटने पर इंटरनेट की गति प्रभावित हो सकती है।
इसका असर वित्तीय लेनदेन, ऑनलाइन कारोबार और क्लाउड सेवाओं पर भी पड़ सकता है। युद्ध के दौरान क्षतिग्रस्त केबल की मरम्मत करना भी आसान नहीं होगा। समुद्री क्षेत्र में काम करने की अनुमति मिलने में देरी और बीमा लागत बढ़ने से मरम्मत का काम और मुश्किल हो सकता है।
ट्रंप ने पहले कहा था- युद्ध जल्द खत्म कर सकते हैं
दिलचस्प बात यह है कि ईरान को नई कार्रवाई की चेतावनी देने से पहले ट्रंप ने शुक्रवार को युद्ध को लेकर अलग रुख भी दिखाया था। उन्होंने कहा था कि अमेरिका के पास युद्ध खत्म करने की क्षमता है। हालांकि, उन्होंने खुद ही सवाल उठाया कि अमेरिका को युद्ध तुरंत खत्म करना चाहिए या इसे धीरे-धीरे कमजोर पड़ने देना चाहिए।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका को वह सब मिल रहा है जो वह चाहता है और अमेरिकी तेल होर्मुज के रास्ते से लगातार आ रहा है। उनके इन बयानों से संकेत मिलता है कि ईरान को लेकर अमेरिकी नीति में सैन्य दबाव और बातचीत, दोनों विकल्प खुले रखे जा रहे हैं।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ सकता है तनाव
ट्रंप की नई सैन्य धमकी और ईरान की इंटरनेट केबल काटने की चेतावनी के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है। यदि दोनों पक्षों के बीच फिर सैन्य टकराव होता है, तो उसका असर केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित न रहकर वैश्विक इंटरनेट और डिजिटल कारोबार पर भी पड़ सकता है।
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