नाइजीरिया के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में बंदूकधारियों के हमले ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। तराबा राज्य के बिन्नारी गांव में हुई इस गोलीबारी में करीब 62 लोगों की मौत हो गई, जबकि 52 अन्य घायल हुए हैं। राष्ट्रीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी (NEMA) ने मंगलवार को स्थानीय मीडिया के हवाले से घटना की जानकारी दी। हमला 23 अक्टूबर को उस समय हुआ, जब गांव में साप्ताहिक बाजार लगा हुआ था। वारदात के बाद इलाके में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।
बाजार में मची भगदड़
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हथियारों से लैस हमलावर मोटरसाइकिलों पर सवार होकर बिन्नारी गांव पहुंचे और वहां मौजूद लोगों पर अचानक गोलियां चलानी शुरू कर दीं। बाजार में मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे। गोलीबारी में कई लोगों की जान चली गई और अनेक लोग घायल हो गए। हमले के दौरान कई घरों और अन्य संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा। तराबा राज्य में NEMA के प्रमुख लादान अयूबा ने बताया कि घटना में कई लोग घायल हुए हैं और संपत्ति को भी क्षति पहुंची है। स्थानीय स्तर पर हमलावरों को हथियारबंद गिरोहों से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि, अब तक उनकी पहचान और हमले के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हुई है।
जान बचाने के लिए नदी की ओर भागे ग्रामीण
गोलीबारी से बचने के लिए कुछ ग्रामीण पास की बेन्यू नदी की तरफ भागे। कई लोगों ने नदी पार कर सुरक्षित जगह पहुंचने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान कुछ लोग पानी में डूब गए। रिपोर्ट के अनुसार, बाद में नदी से 15 शव बरामद किए गए। इस घटना ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी पैदा कर दी है। हमले के कारण हजारों लोगों के विस्थापित होने की जानकारी सामने आई है। प्रभावित परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं। हालांकि, राहत एजेंसियों की ओर से विस्थापित लोगों की स्थिति और उन्हें मिल रही सहायता को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका, जांच जारी
तराबा राज्य पुलिस के प्रवक्ता के मुताबिक, मृतकों और घायलों की संख्या अभी अंतिम नहीं है। पुलिस और संबंधित टीमें तलाशी अभियान चलाने के साथ शवों की बरामदगी में जुटी हैं। आशंका है कि अभियान के दौरान और शव मिल सकते हैं। नाइजीरिया में हथियारबंद गिरोहों के हमले, अपहरण और फिरौती की घटनाएं लंबे समय से सुरक्षा के लिए चुनौती बनी हुई हैं। ऐसे गिरोहों को आम तौर पर ‘बैंडिट्स’ कहा जाता है। वहीं, देश के उत्तर-पूर्वी हिस्से में बोको हराम और इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस (ISWAP) जैसे चरमपंथी संगठनों का विद्रोह भी जारी सुरक्षा संकट का हिस्सा है। फिलहाल बिन्नारी गांव में हुए हमले की जांच जारी है।
Read More

