HomeBreaking Newsयमन का ताइज शहर घेरकर बैठे हूती विद्रोही, खाने-दवाइयों के पड़े लाले!

यमन का ताइज शहर घेरकर बैठे हूती विद्रोही, खाने-दवाइयों के पड़े लाले!

यमन के तीसरे सबसे बड़े और रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण शहर ताइज में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित यमनी सरकारी बलों के बीच जंग एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। हालिया दिनों में ईरान समर्थित हूती लड़ाकों ने सस्ते लेकिन बेहद प्रभावी ड्रोन स्वार्म का इस्तेमाल कर सरकारी सैनिकों के ठिकानों, टैंकों और सैन्य पोजीशनों पर भीषण बमबारी की है। 2022 के युद्धविराम के टूटने के बाद भड़की इस नई हिंसा में हूती बल शहर की घेराबंदी को और कड़ा करते हुए लगातार आगे बढ़ रहे हैं, जिससे सरकारी सेना को पीछे हटने और बचाव की मुद्रा में आने पर मजबूर होना पड़ा है।

अत्याधुनिक हथियारों और ड्रोन तकनीक से थर्राया ताइज

ताइज के विभिन्न मोर्चों पर हूती विद्रोहियों ने न केवल आत्मघाती ड्रोन, बल्कि भारी तोपखाने, कात्युशा रॉकेटों और बैलिस्टिक मिसाइलों से भी जबरदस्त हमले बोले हैं। सऊदी समर्थित गठबंधन, जिसमें यमनी सेना और स्थानीय प्रतिरोध समूह शामिल हैं, इन बहुआयामी हमलों से भारी नुकसान झेल रहा है। कई स्थानों पर विस्फोटों से सैन्य टैंक और भारी उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे सैनिक खुद को बचाने के लिए कवर लेने को विवश दिखे। आधुनिक युद्ध में छोटे और सस्ते ड्रोन की यह मारक क्षमता बड़ी सैन्य ताकतों के लिए एक बेहद गंभीर चुनौती बनकर उभरी है।

युद्धविराम टूटने और 2026 में भड़की जंग की मुख्य वजहें

यमन में वर्ष 2014 से ही भीषण गृहयुद्ध जारी है, जहां एक तरफ ईरान समर्थित हूती विद्रोही हैं तो दूसरी तरफ सऊदी नेतृत्व वाला शक्तिशाली गठबंधन। हालांकि 2022 में हुए युद्धविराम के बाद कुछ समय तक शांति बनी रही, लेकिन वर्ष 2026 में सना एयरपोर्ट पर हुए हमलों और उसके बाद हुई जवाबी कार्रवाइयों ने संघर्ष की इस आग को दोबारा सुलगा दिया। अब हूती विद्रोही सऊदी अरब के अंदरूनी इलाकों में भी मिसाइलें और ड्रोन दाग रहे हैं, जिसके जवाब में सऊदी गठबंधन ने भी अपने हवाई हमलों की तीव्रता काफी बढ़ा दी है।

ताइज शहर की घेराबंदी और दोनों पक्षों के दावे

ताइज शहर के मोर्चे पर फिलहाल दोनों ही पक्ष भारी नुकसान होने और अपनी-अपनी बढ़त का दावा कर रहे हैं। यमन की सरकारी सेना का दावा है कि उसने हूतियों के कई बड़े हमलों को नाकाम करते हुए दर्जनों विद्रोहियों को ढेर कर दिया है, वहीं हूती पक्ष भी कई अहम सैन्य पोजीशनों पर कब्जे का दावा कर रहा है। हूती बलों द्वारा शहर के मुख्य आपूर्ति मार्गों को पूरी तरह काट देने के कारण स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है और मैदानी हकीकत में दोनों पक्षों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है।

ताइज में मंडराया भीषण मानवीय संकट और क्षेत्रीय चिंताएं

इस भयानक युद्ध की सबसे भारी कीमत निर्दोष आम नागरिकों को चुकानी पड़ रही है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने चेतावनी जारी की है कि ताइज की घेराबंदी के कारण भोजन, दवाइयों और ईंधन जैसी जीवन रक्षक वस्तुओं की भारी किल्लत हो गई है और कीमतें आसमान छू रही हैं। गोलाबारी में कई नागरिकों के मारे जाने और बड़ी संख्या में परिवारों के विस्थापित होने की दुखद खबरें हैं। यह संघर्ष न केवल यमन में मानवीय तबाही को न्योता दे रहा है, बल्कि लाल सागर (Red Sea) की सुरक्षा और पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र की स्थिरता के लिए भी एक बड़ा खतरा बन चुका है।

 

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