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कंधे में सूजन, फिर भी नहीं मानी हार! भारतीय पैरा-शूटर मनीष नरवाल ने जीता सिल्वर मैडल

भारत के पैरा-शूटर मनीष नरवाल(Manish Narwal) ने एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है। खास बात यह है कि मनीष ने यह सफलता स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और कंधे में सूजन के बावजूद हासिल की। उनके पिता ने बेटे की मेहनत, खेल के प्रति समर्पण और मुश्किल समय में हौसला बनाए रखने की कहानी साझा की। मनीष के पदक जीतने के बाद उनके पिता ने खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है। उनके मुताबिक, फाइनल के बाद मनीष से बातचीत हुई थी और वह अपनी जीत से काफी खुश था।

पिता ने यह भी कहा कि मनीष जब भी किसी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने जाते हैं तो पदक जीतने के लिए पूरी मेहनत करते हैं। उन्होंने बेटे की पिछली उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि मनीष ने टोक्यो पैरालिंपिक में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद पेरिस पैरालिंपिक 2024 में भी उन्होंने रजत पदक अपने नाम किया। पिता ने इन सफलताओं के लिए ईश्वर और कबीर पंथ के आशीर्वाद के प्रति आभार जताया। उन्होंने बताया कि परिवार के अन्य बच्चे भी खेलों में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

बीमारी ने बढ़ाई मुश्किलें, धुंधला हुआ विजन

मनीष की इस सफलता के पीछे संघर्ष भी रहा। उनके पिता के अनुसार, प्रतियोगिता से पहले मनीष की तबीयत काफी खराब हो गई थी। वर्ल्ड चैंपियनशिप से पहले उनकी हालत ऐसी थी कि वह नियमित अभ्यास भी नहीं कर पा रहे थे। बीमारी का असर उनकी आंखों पर भी पड़ा और उन्हें धुंधला दिखाई देने लगा। इसके चलते उस दौरान उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। बाद में उनकी आंखों का इलाज कराया गया, लेकिन दूसरी परेशानियां बनी रहीं।

कंधे में सूजन के बावजूद जारी रखा खेल

मनीष के पिता ने बताया कि उनके कंधे में काफी सूजन और दर्द था। दर्द से राहत पाने के लिए उन्होंने नीडलिंग और कपिंग जैसी प्रक्रियाओं का सहारा लिया। पिता के मुताबिक, इन प्रक्रियाओं के बाद उनकी गर्दन पर नीले निशान भी दिखाई दे रहे थे। इन चुनौतियों के बावजूद मनीष ने हार नहीं मानी और प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर रजत पदक हासिल किया।

मेहनत और हौसले की मिसाल

मनीष नरवाल की यह उपलब्धि बताती है कि खेल में सफलता के लिए प्रतिभा के साथ अनुशासन और लगातार मेहनत भी जरूरी है। उनकी जीत ने एक बार फिर भारतीय पैरा-खेलों में देश का नाम रोशन किया है।

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