Google ने अपनी Gemini 4 सीरीज का पहला मॉडल Gemini 4 Argon पेश कर दिया है। कंपनी के मुताबिक यह उसका अब तक का सबसे ताकतवर AI मॉडल है, जिसे खासतौर पर लंबे और कई चरणों में पूरे होने वाले कामों के लिए तैयार किया गया है। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, कानून, फाइनेंस और साइबर सिक्योरिटी इसके प्रमुख इस्तेमाल वाले क्षेत्र बताए गए हैं। हालांकि, फिलहाल यह आम यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं है। Google ने इससे पहले जून में आने वाले Gemini 3.5 Pro को आगे बढ़ाने के बजाय रद्द कर दिया था। अब Argon के साथ कंपनी ने अपनी अगली पीढ़ी के मॉडल की दिशा स्पष्ट कर दी है।
पहले साइबर एक्सपर्ट्स
Gemini 4 Argon की शुरुआती पहुंच Google के Fairwind प्रोग्राम के तहत चुनिंदा और भरोसेमंद साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों को दी जाएगी। इसके बाद मॉडल अमेरिकी सरकार की voluntary pre-release access प्रक्रिया से गुजरेगा। आगे चलकर पेड API ग्राहक और Google AI Ultra सब्सक्राइबर इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। Google ने अभी इन ग्राहकों के लिए एक्सेस की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई है। CEO सुंदर पिचाई ने X पर कहा है कि कंपनी मॉडल को सुरक्षित तरीके से जल्द से जल्द सभी के लिए उपलब्ध कराने की कोशिश कर रही है। Argon की क्षमता को लेकर Google के आंकड़ों में कई बेंचमार्क पर प्रतिस्पर्धी मॉडलों से बेहतर प्रदर्शन का दावा किया गया है। DeepSWE v1.1 पर इसे 77.9% स्कोर मिला, जबकि Claude Opus 5.5 का 74.2% और GPT-6 Astra का 74.1% स्कोर बताया गया है। हालांकि FrontierSWE v2 और OSWorld-2.0 जैसे कुछ परीक्षणों में GPT-6 Astra आगे रहा। Terminal-bench 4.0 और PostTrainBench में Claude Opus 5.5 के बेहतर प्रदर्शन का भी दावा किया गया है।
एक बार में 1 मिलियन टोकन तक आउटपुट
Argon को खासतौर पर लंबे टास्क संभालने के लिए तैयार किया गया है। Google ने इसकी आउटपुट लिमिट 64,000 टोकन से बढ़ाकर 10 लाख टोकन कर दी है। इससे मॉडल को बड़े कोडबेस, लंबे दस्तावेजों और मल्टी-स्टेप प्रोजेक्ट पर ज्यादा व्यापक तरीके से काम करने में मदद मिल सकती है। शुरुआती API कीमत प्रति 10 लाख इनपुट टोकन 2 डॉलर और आउटपुट के लिए 10 डॉलर बताई गई है। कंपनी के मुताबिक कैश्ड इनपुट पर 95% तक कम कीमत होगी।
Google का दावा है कि उसके कर्मचारी कई हफ्तों से Argon का इस्तेमाल कर रहे हैं। कंपनी के मुताबिक एजेंट्स ने डेटा सेंटर की प्रोफाइलिंग का विश्लेषण करके 300 TiB से अधिक मेमोरी खाली करने में मदद की। इसके अलावा C/C++ कोड को Rust में बदलने और वीडियो डिकोडर के SIMD कोड को दोबारा तैयार करने जैसे काम भी Argon से कराए गए।
सिक्योरिटी पर खास फोकस
Gemini 4 Argon की साइबर क्षमता का इस्तेमाल सुरक्षा खामियां खोजने में भी किया गया है। सुरक्षा कंपनी Wiz के साथ काम के दौरान Argon की मदद से हेल्थकेयर सॉफ्टवेयर में ऐसी खामी मिलने का दावा किया गया, जिससे व्यक्तिगत डेटा के लीक होने का खतरा था। बड़े स्तर पर रिलीज से पहले Google मॉडल की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त परीक्षण कर रहा है। कंपनी के मुताबिक Argon को साइबर अटैक या केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर (CBRN) हथियारों से जुड़ी हानिकारक गतिविधियों में मदद करने वाली रिक्वेस्ट को रोकने के लिए प्रशिक्षित किया गया है।
Google इंटरनल एक्टिवेशन की निगरानी और रेड-टीम टेस्टिंग के जरिए सुरक्षा उपायों को परख रहा है। कंपनी का कहना है कि मॉडल के सेफ्टी गार्डरेल्स उसके इस्तेमाल के दौरान संभावित दुरुपयोग को रोकने पर केंद्रित हैं। बड़े पैमाने पर रिलीज से पहले इन्हीं सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने पर काम जारी है।
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