क्रिकेट जगत में इन दिनों इस बात पर लगातार चर्चा हो रही है कि क्या विराट कोहली और रोहित शर्मा आगामी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 का हिस्सा बन पाएंगे या नहीं। इस सुगबुगाहट के बीच भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष मिथुन मन्हास का एक बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भारतीय टीम में खिलाड़ियों के चयन का पैमाना उनकी उम्र नहीं, बल्कि उनकी फिटनेस और मैदान पर उनका प्रदर्शन होगा। इस बयान के बाद दोनों दिग्गज खिलाड़ियों के फैंस में अगले वर्ल्ड कप को लेकर उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।
फिटनेस और प्रदर्शन है चयन का असली आधार
स्पोर्टस्टार को दिए गए अपने साक्षात्कार में बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने दो टूक कहा कि यदि कोई खिलाड़ी शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट है, निरंतर शानदार प्रदर्शन कर रहा है और देश को मुकाबले जिता रहा है, तो उसे केवल उम्र के आंकड़े के आधार पर टीम से बाहर नहीं किया जाना चाहिए। आगामी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2027 का आयोजन इसी साल अक्टूबर और नवंबर के महीनों में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होना है। उस वक्त तक रोहित शर्मा की उम्र 40 वर्ष जबकि विराट कोहली 38 वर्ष की हो चुकी होगी। हालांकि दोनों खिलाड़ी टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट फॉर्मेट को अलविदा कह चुके हैं, लेकिन वनडे क्रिकेट में उनका जलवा अब भी जारी है।
खराब फॉर्म पर चर्चा और न्यूजीलैंड सीरीज पर निगाहें
हाल ही में खराब फॉर्म के दौर से गुजर रहे कप्तान रोहित शर्मा के वनडे भविष्य पर कई तरह के सवाल खड़े होने लगे थे, लेकिन लॉर्ड्स के मैदान पर खेली गई उनकी शतकीय पारी ने आलोचकों के मुंह बंद कर दिए। वहीं दूसरी तरफ, विराट कोहली लगातार एकदिवसीय फॉर्मेट में रन बनाते आ रहे हैं। अब आगामी न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जाने वाली वनडे सीरीज के दौरान एक बार फिर इन दोनों वरिष्ठ खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सबकी पैनी नजरें टिकी होंगी, जो चयनकर्ताओं के लिए भी अहम साबित होगी।
कप्तान शुभमन गिल के लिए वरदान हैं सीनियर खिलाड़ी
बीसीसीआई अध्यक्ष ने युवा कप्तान शुभमन गिल की कप्तानी और टीम संतुलन पर भी खुलकर बात की। उनका मानना है कि टीम में रोहित शर्मा, विराट कोहली और अनुभवी ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या जैसे सीनियर खिलाड़ियों की मौजूदगी कप्तान गिल के लिए बेहद मददगार साबित होगी। गौरतलब है कि शुभमन इससे पहले आईपीएल में गुजरात टाइटन्स (GT) की कमान संभालने के साथ-साथ भारतीय टीम की अगुवाई का अनुभव भी हासिल कर चुके हैं। मन्हास के मुताबिक, टीम में जिम्मेदारियों का सही बंटवारा होना चाहिए, जहां जसप्रीत बुमराह जैसे तेज गेंदबाज गेंदबाजी आक्रमण की कमान संभालें और सीनियर खिलाड़ी बड़े मैचों में कप्तान को सही फैसले लेने में सलाह दें।
22 अक्टूबर से शुरू हो रहा है न्यूजीलैंड का अहम दौरा
भारतीय टीम 22 अक्टूबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ बहुप्रतीक्षित दौरे की शुरुआत करने जा रही है, जिसमें पांच टी20, पांच वनडे और दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। इस पूरे दौरे के तहत दोनों टीमों के बीच वनडे मुकाबला श्रृंखला 4 से 15 नवंबर के बीच निर्धारित की गई है। साल 2027 के विश्व कप से ठीक पहले यह विदेशी दौरा भारतीय टीम मैनेजमेंट के लिए सही संयोजन तलाशने और खिलाड़ियों की फिटनेस व फॉर्म को परखने का एक सुनहरा और अंतिम अवसर साबित होगा।
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