राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की मुंबई(Mumbai) क्षेत्रीय इकाई ने खुफिया सूचना के आधार पर सोने की तस्करी से जुड़े एक कथित संगठित नेटवर्क का पता लगाया है। यह कार्रवाई छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर की गई। डीआरआई के अनुसार, इस नेटवर्क में ट्रांजिट यात्री और एयरलाइन कर्मचारी शामिल थे। डीआरआई अधिकारियों ने एयरपोर्ट से बाहर निकलने के बाद करीब 50 किलोमीटर तक निगरानी और पीछा करने के बाद एक एयरलाइन कर्मचारी को पकड़ा।
तलाशी में उसके पास से मोम के रूप में सोने की धूल से भरे तीन कैप्सूल मिले। पूछताछ के दौरान कर्मचारी ने कथित तौर पर बताया कि ट्रांजिट क्षेत्र में एक यात्री ने उसे सोना दिया था। उसने एक महिला एयरलाइन कर्मचारी की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी, जिसे बाद में एयरलाइन काउंटर के पास पकड़ लिया गया।
मस्कट और दुबई से आए यात्री भी पकड़े गए
जांच आगे बढ़ने पर दो अन्य ट्रांजिट यात्रियों के बारे में जानकारी मिली। डीआरआई ने दोनों पर निगरानी रखी और कथित तौर पर उस समय उन्हें पकड़ लिया, जब वे एयरलाइन कर्मचारी को सोना सौंप रहे थे। ये दोनों भारतीय यात्री मस्कट और दुबई से आए थे।
DRI के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान नेटवर्क से जुड़े एक अन्य हैंडलर को भी गिरफ्तार किया गया।
5.47 करोड़ रुपये का सोना जब्त
पूरे ऑपरेशन में सोने की धूल से भरे कुल आठ कैप्सूल बरामद किए गए। इनका कुल वजन करीब 3.47 किलोग्राम और अनुमानित कीमत लगभग 5.47 करोड़ रुपये बताई गई है। बरामद सोना सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत जब्त किया गया।
चार लोगों की गिरफ्तारी
डीआरआई के अनुसार, इस मामले में दो ट्रांजिट यात्रियों और दो एयरलाइन कर्मचारियों समेत कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एजेंसी का कहना है कि यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई और इसका उद्देश्य हवाई मार्ग से विदेशी मूल के सोने की अवैध तस्करी पर रोक लगाना है। मामले में आगे की जांच जारी है।