न्यायिक अधिकारी गुरविंदर पाल सिंह ने बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट(Delhi High Court) के एडिशनल जज के रूप में शपथ ली। दिल्ली हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव साम्ब्रे ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह दिल्ली हाई कोर्ट परिसर में आयोजित किया गया।
गुरविंदर पाल सिंह के पदभार संभालने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट में कार्यरत जजों की संख्या बढ़कर 50 हो गई है। हाई कोर्ट में जजों के कुल 60 पद स्वीकृत हैं। इस लिहाज से अभी 10 पद खाली हैं।
जिला न्यायपालिका में रहा लंबा अनुभव
जस्टिस गुरविंदर पाल सिंह को दिल्ली की जिला अदालतों में काम करने का लंबा अनुभव है। वह दक्षिणी दिल्ली की साकेत अदालत में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। जून 2026 में जिला न्यायपालिका से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट में एडिशनल जज नियुक्त किया गया। गुरविंदर पाल सिंह की नियुक्ति की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश से आगे बढ़ी।
कॉलेजियम ने 10 सितंबर 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट में नियुक्ति के लिए आठ न्यायिक अधिकारियों के नाम केंद्र सरकार को भेजे थे। इनमें गुरविंदर पाल सिंह का नाम भी शामिल था। केंद्र सरकार ने 19 सितंबर को इनमें से सात नामों को मंजूरी दे दी थी, लेकिन गुरविंदर पाल सिंह की नियुक्ति पर उस समय अधिसूचना जारी नहीं हुई थी।
5 अक्टूबर को मिली केंद्र की मंजूरी
बाद में 5 अक्टूबर को केंद्र सरकार ने गुरविंदर पाल सिंह की नियुक्ति को भी मंजूरी दे दी। कानून मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद संविधान के अनुच्छेद 224(1) के तहत उनकी नियुक्ति की।
उनके शपथ लेने के साथ ही दिल्ली हाई कोर्ट में कार्यरत जजों की संख्या 50 हो गई है। हालांकि, स्वीकृत 60 पदों के मुकाबले अभी भी 10 पद रिक्त हैं।