महाराष्ट्र में भाषा विवाद को लेकर फडणवीस सरकार बैकफुट पर आ गई है. हिंदी की अनिवार्यता के फैसले को राज्य सरकार ने रद्द करते हुए इस नोटिफिकेशन को वापस ले लिया गया है . सीएम देवेंद्र फडणवीस ने यह भी घोषणा की है कि एक समिति बनाई गई है और इस समिति की रिपोर्ट आने के बाद अगला कदम तय किया जाएगा.उसके बाद त्रिभाषा फॉर्मूला लागू किया जाएगा. दरअसल, जैसे ही महाराष्ट्र में पहली कक्षा से हिंदी अनिवार्य की बात सामने आई तो इसके खिलाफ विपक्षी शिव सेना (यूबीटी) और राज ठाकरे की पार्टी MNS एक हो गए. दोनों दलों ने पांच जुलाई को महामोर्चा निकालने का ऐलान कर दिया. जिस तरह से मामले ने तूल पकड़ा उससे इस बात की संभावना बढ़ गई ती कि यह आगे जाकर बड़ा मुद्दा बन सकता है.
CM फडणवीस का एलान, महाराष्ट्र के स्कूलों में अब हिंदी जरूरी नहीं
RELATED ARTICLES
Recent Comments
on UP में राज्यसभा की 10 सीटों पर निर्विरोध चुने गए सभी उम्मीदवार, BJP के 8 और SP के 2 उम्मीदवार शामिल
on दिल्ली आने वाली कई ट्रेनें हुईं कैंसिल, 10 अक्टूबर तक नो एंट्री, रेलवे ने क्यों लिया ये बड़ा फैसला?
on हिसार में प्रिंटिंग प्रेस चलाने वाले की बेटी छवि ने रचा इतिहास, HPSC में 5वीं रैंक के साथ बनी SDM
on हिसार में प्रिंटिंग प्रेस चलाने वाले की बेटी छवि ने रचा इतिहास, HPSC में 5वीं रैंक के साथ बनी SDM
on अमृतसर के बाद डेरा सचखंड बल्लां पहुंचे परगट सिंह, सचखंड बल्लां में लिया संत निरंजन दास का आशीर्वाद
on वायु प्रदूषण से निपटने के लिए BS-3 वाहनों पर लगेगी रोक, प्रदूषण के खिलाफ दिल्ली सरकार का मेगा प्लान
on हत्या या आत्महत्या… 8 दिन से लापता विशाखा का शव इटावा में यमुना किनारे मिला, प्रेमी लेखपाल गिरफ्तार

