समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के ‘घुसपैठिया’ संबंधी बयान को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में विवाद बढ़ गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहना उनके स्वाभिमान और राज्य के निर्माण के लिए किए गए संघर्ष का अपमान है। उन्होंने अखिलेश यादव को उत्तराखंड आंदोलन के दौरान मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा में हुई गोलीबारी की घटना की याद भी दिलाई। धामी ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों का अपना गौरवशाली इतिहास है और उनके बलिदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
‘देवभूमि और वीरभूमि के लोगों का अपमान बर्दाश्त नहीं’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड को देवभूमि और वीरभूमि बताते हुए कहा कि राज्य के गठन के लिए यहां के लोगों ने लंबा संघर्ष किया है। आंदोलनकारियों ने अलग राज्य की मांग को लेकर कई कठिनाइयों का सामना किया और अपना योगदान दिया। ऐसे में उत्तराखंड के लोगों के सम्मान पर सवाल उठाने वाली टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
CM धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान, संस्कृति और इतिहास को समझना जरूरी है। उनके मुताबिक, राज्य के लोगों ने अपनी मांगों के लिए संघर्ष किया और उनके योगदान को राजनीतिक बयानबाजी के कारण भुलाया नहीं जाना चाहिए। अखिलेश यादव की टिप्पणी पर निशाना साधते हुए उन्होंने इसे उत्तराखंड के लोगों के स्वाभिमान से जुड़ा मुद्दा बताया।
मुलायम सिंह यादव पर साधा निशाना
अपने बयान में धामी ने वर्ष 1994 के रामपुर तिराहा गोलीकांड का उल्लेख किया। उस समय उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे लोग मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा पर पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे थे। इस घटना में गोलीबारी हुई थी और आंदोलनकारियों के साथ हुई कार्रवाई उत्तराखंड राज्य आंदोलन के इतिहास का एक संवेदनशील अध्याय मानी जाती है। CM धामी ने इस घटना का संदर्भ देते हुए कहा कि उस समय अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। उन्होंने जोर दिया कि राज्य निर्माण के लिए आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान को भुलाया नहीं जाना चाहिए। हालांकि, अखिलेश यादव के मूल बयान का पूरा संदर्भ सामने होने पर ही उनकी टिप्पणी का आशय स्पष्ट रूप से समझा जा सकता है।
बयान पर रुख स्पष्ट करने की मांग
इस विवाद में मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस अपने राजनीतिक सहयोगी अखिलेश यादव के बयान से सहमत है। उन्होंने कांग्रेस से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या वह उत्तराखंड के लोगों को ‘घुसपैठिया’ कहे जाने वाली टिप्पणी का समर्थन करती है।
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