पाकिस्तान के बलोचिस्तान प्रांत में पाकिस्तानी सेना के काफिले पर हमले की खबर सामने आई है। अलगाववादी संगठन बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि 18 अक्टूबर को ग्वादर जिले के पसनी इलाके में किए गए हमले में पाकिस्तानी सेना के मेजर वजाहत समेत सात जवान मारे गए। संगठन ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उसके विशेष दस्ते ने काफिले को निशाना बनाया। हालांकि, पाकिस्तानी सेना की ओर से अब तक घटना या हताहतों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
काफिले को IED से निशाना बनाने का दावा
BLA की ओर से जारी बयान के मुताबिक, संगठन की स्पेशल टैक्टिकल ऑपरेशंस स्क्वॉड (STOS) ने ग्वादर जिले के पसनी क्षेत्र में कुबरी इलाके के पास शादि कौर के नजदीक सैन्य काफिले पर हमला किया। संगठन का कहना है कि काफिले में तीन गाड़ियां शामिल थीं।
BLA के दावे के अनुसार, इनमें से एक गाड़ी को रिमोट कंट्रोल से संचालित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) के जरिए निशाना बनाया गया। संगठन ने कहा कि विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि गाड़ी पूरी तरह तबाह हो गई। हालांकि, घटना से जुड़ी इन जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मेजर वजाहत समेत सात सैन्यकर्मियों के मारे जाने का दावा
BLA ने दावा किया कि विस्फोट की चपेट में आई गाड़ी में सवार सात सैन्यकर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई। संगठन ने मृतकों में पाकिस्तानी सेना के मेजर वजाहत का नाम भी शामिल किया है।
फिलहाल, पाकिस्तान की सेना या सरकार की ओर से इस घटना पर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में मृतकों की संख्या, उनकी पहचान और सैन्य काफिले को हुए नुकसान की पुष्टि होना बाकी है। अभी उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से BLA के बयान पर आधारित है।
बलोचिस्तान की आजादी तक अभियान जारी रखने की धमकी
हमले की जिम्मेदारी लेने के साथ BLA ने अपने बयान में कहा कि बलोचिस्तान को स्वतंत्र और संप्रभु बनाने तथा पाकिस्तानी सेना की क्षेत्र से वापसी तक उसका अभियान जारी रहेगा। संगठन ने भविष्य में भी हमले तेज करने की धमकी दी है।
बलोच लिबरेशन आर्मी पाकिस्तान के बलोचिस्तान प्रांत में सक्रिय एक अलगाववादी संगठन है। क्षेत्र में लंबे समय से अलगाववादी हिंसा और सुरक्षा बलों पर हमलों की घटनाएं सामने आती रही हैं। ताजा मामले में भी संगठन ने सैन्य काफिले को निशाना बनाने का दावा किया है, लेकिन घटना के वास्तविक नुकसान और हताहतों की संख्या को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
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