Flood in Saran: बिहार के छपरा यानी सारण जिले में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन छह से अधिक प्रखंडों में अब भी जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। मकेर में एनएच-722 मुजफ्फरपुर-छपरा हाईवे पर करीब आधा फीट पानी जमा है। कई गांवों की सड़कें कट गई हैं, जबकि बाढ़ के कारण दर्जनों घर जमींदोज हो चुके हैं। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार कुछ इलाकों में जलस्तर में कमी आई है।
236 गांव अब भी प्रभावित
आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक जिले के छह प्रखंडों की 42 पंचायतों के 236 गांव अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं। इन क्षेत्रों में राहत, बचाव, स्वास्थ्य, पेयजल, पशु चिकित्सा और खाद्यान्न आपूर्ति जैसी जरूरी सेवाएं लगातार जारी हैं। अनुमान के अनुसार बाढ़ से 4 लाख 60 हजार 963 लोग और 1 लाख 4 हजार 43 परिवार प्रभावित हुए हैं।
74,737 लोगों ने किया पलायन
बाढ़ से प्रभावित इलाकों से करीब 74,737 लोग सुरक्षित स्थानों पर जा चुके हैं। इनमें राहत एवं बचाव शिविरों में रह रहे लोगों के लिए भी जरूरी संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है। संक्रमण और महामारी जैसी स्थिति को रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है।
54 चिकित्सा शिविर सक्रिय
स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में 54 चिकित्सा शिविर लगाए हैं। इन शिविरों में अब तक 14 हजार 12 मरीजों का उपचार किया जा चुका है। वहीं, बाढ़ प्रभावित इलाकों में पशुओं के लिए चारे और चिकित्सा सुविधा की भी व्यवस्था की गई है।
133 सामुदायिक रसोई से भोजन
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में 133 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इनके जरिए अब तक 4 लाख 51 हजार 538 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा राहत एवं बचाव कार्य और आवागमन के लिए 128 नावें चलाई जा रही हैं।
पॉलीथिन शीट और आंगनबाड़ी की व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित इलाकों में अब तक 55 हजार 718 पॉलीथिन शीट वितरित की गई हैं। बच्चों को जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराने के लिए प्रभावित पंचायतों में 254 आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से राहत और जरूरी सेवाओं को लगातार जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है।
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