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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश का पहला स्वदेशी Fleet Support Ship किया लॉन्च, HSL में नए इंफ्रास्ट्रक्चर का किया उद्घाटन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को विशाखापट्टनम स्थित हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने भारतीय नौसेना के पहले स्वदेशी फ्लीट सपोर्ट शिप FSS-1 को लॉन्च किया, जिसे INS सूर्य नाम दिया गया है। इसके अलावा FSS-5 की कील रखी गई और अपग्रेडेड स्लिपवे-4 और 300 टन क्षमता वाले गोलियथ क्रेन का भी उद्घाटन किया गया।

INS सूर्य से नौसेना की समुद्री क्षमता बढ़ेगी

FSS-1 का निर्माण पूरी तरह स्वदेशी डिजाइन और निर्माण के आधार पर किया गया है। ऐसे फ्लीट सपोर्ट शिप समुद्र में तैनात युद्धपोतों को ईंधन, रसद और दूसरी जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। इससे नौसेना के जहाज लंबे समय तक दूर समुद्री क्षेत्रों में अभियान जारी रख सकते हैं। INS सूर्य में ज्यादा मात्रा में कार्गो और तरल पदार्थ रखने की क्षमता के साथ ऑनबोर्ड मेंटेनेंस वर्कशॉप भी है। जहाज पर मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर के संचालन के लिए हेलीकॉप्टर डेक और आत्मरक्षा प्रणाली भी उपलब्ध है। लॉन्च के दौरान नौसेना वाइव्स वेलनेस एसोसिएशन की अध्यक्ष लायला स्वामिनाथन ने पारंपरिक सम्मान किया और जहाज को बंगाल की खाड़ी के पानी में उतारा गया। राजनाथ सिंह ने इस मौके पर 1948 में विशाखापट्टनम में बनाए गए स्वतंत्र भारत के पहले जहाज जला उषा का भी उल्लेख किया।

45 हजार DWT तक के जहाज बना सकेगा HSL

HSL में अपग्रेड किए गए स्लिपवे-4 को पहले के मुकाबले अधिक मजबूत और बड़ा बनाया गया है। इसके बाद शिपयार्ड में 45 हजार डेडवेट टन (DWT) तक के जहाजों का निर्माण और लॉन्च संभव होगा। इसके साथ ही 300 टन क्षमता वाले गोलियथ क्रेन की सुविधा भी शुरू की गई है। इसे L&T GeoStructure और Konecranes ने ‘मेक इन इंडिया’ के तहत डिजाइन और तैयार किया है। क्रेन में PLC नियंत्रण, वेरिएबल फ्रीक्वेंसी ड्राइव, टेंडम लिफ्टिंग, रिमोट डायग्नोस्टिक्स और कंडीशन मॉनिटरिंग जैसी तकनीकी सुविधाएं हैं। इन सुविधाओं से भारी जहाजों के ब्लॉक और अन्य बड़े हिस्सों को ज्यादा तेजी और सटीकता से संभालने में मदद मिलेगी। इससे HSL की बड़े और जटिल जहाज निर्माण कार्यक्रमों को पूरा करने की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

आत्मनिर्भरता के बाद वैश्विक प्रतिस्पर्धा अगला लक्ष्य

रक्षा मंत्री ने कहा कि फ्लीट सपोर्ट शिप कार्यक्रम भारतीय नौसेना की पहुंच, सहनशक्ति और परिचालन क्षमता को मजबूत करेगा। उन्होंने FSS-1 के जलावतरण को उपलब्धि, FSS-5 की कील रखने को संकल्प और नए स्लिपवे को बढ़ती क्षमता का प्रतीक बताया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन अब भारतीय शिपयार्ड को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने गुणवत्ता, लागत, तकनीक, समय पर डिलीवरी और विश्वसनीयता के मामले में दुनिया के प्रमुख शिपयार्डों से मुकाबला करने की जरूरत बताई।

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Ram Janam Chauhan
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राम जनम चौहान वर्तमान में MH One News के साथ जुड़े हुए हैं। वे मुख्य रूप से पॉलिटिक्स और नेशनल न्यूज़ को कवर करते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक जागरण संस्थान के साथ की। इसके अलावा Zee Media और India News में इंटर्नशिप की है। राम जनम चौहान ने डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज (गोकलपुरी, दिल्ली) से पत्रकारिता एवं जनसंचार (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है।
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