Flydubai Flight Incident: फ्लाईदुबई की फ्लाइट को हाईजैक कर उसे क्रैश कराने की कोशिश के मामले में जांच के दौरान नया खुलासा हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक, ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने पूछताछ में दावा किया कि उसने गाजा के बदले के लिए यह कदम उठाया था। उसका कथित तौर पर कहना था कि वह ‘शहीद’ होकर मरना चाहता था। उसके इस बयान के बाद जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या वह किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा था।
फोन और संपर्कों की जांच तेज
जांच एजेंसियां हमाम अल-हम्मामी के फोन, संपर्कों और विदेश यात्राओं की जानकारी खंगाल रही हैं। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि फ्लाइट को हाईजैक करने और उसे क्रैश कराने की कोशिश की साजिश उसने अकेले रची थी या किसी व्यक्ति अथवा संगठन से उसे मदद मिली थी। एजेंसियां उसके बयानों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने में भी जुटी हैं।
यात्रियों से बार-बार कह रहा था ‘मुझे मार दो’
रिपोर्ट के अनुसार, फ्लाईदुबई की फ्लाइट में काबू किए जाने के बाद भी हमाम यात्रियों से बार-बार ‘मुझे मार दो’ कह रहा था। उसने कथित तौर पर कहा कि वह शहीद होकर मरना चाहता है। इस बयान के बाद जांच एजेंसियां उसके मकसद और घटना से पहले की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दे रही हैं।
शिन बेट के अधिकारी भी जांच में शामिल
यूएई में चल रही पूछताछ में इजरायल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट के अधिकारी भी शामिल हैं। जांच एजेंसियां हमाम के संपर्कों, फोन और विदेश यात्राओं की पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल जांच में दूसरे क्रू मेंबर्स के किसी साजिश में शामिल होने का कोई सबूत सामने नहीं आया है।
जांच के दायरे में दूसरे क्रू मेंबर्स की भूमिका
जांच एजेंसियां फ्लाइट के अन्य क्रू सदस्यों की भूमिका को भी देख रही हैं। हालांकि, अभी तक उनके किसी साजिश में शामिल होने के प्रमाण नहीं मिले हैं। ऐसे में जांच का मुख्य फोकस हमाम अल-हम्मामी की गतिविधियों, उसके संपर्कों और घटना से पहले की तैयारियों पर है।
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही थी फ्लाइट
यह घटना 30 सितंबर 2026 को हुई थी। फ्लाईदुबई की FZ1073 फ्लाइट दुबई से तेल अवीव जा रही थी। विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर था, तभी ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर पीछे से हमला कर दिया। हमले में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए और विमान तेजी से नीचे जाने लगा।
घायल पायलट ने खोला कॉकपिट का दरवाजा
घटना के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन को-पायलट ने उसे बंद कर दिया। इसके बाद घायल पायलट ने अपनी पूरी ताकत लगाकर अंदर से दरवाजा खोल दिया। यात्री कॉकपिट के अंदर पहुंचे और हमाम अल-हम्मामी को काबू में कर लिया। अब जांच एजेंसियां इस पूरे मामले के पीछे के वास्तविक मकसद और संभावित मददगारों का पता लगाने में जुटी हैं।
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