SEBI Notice Verification: शेयर बाजार में निवेश करने वालों को SEBI के नाम पर फर्जी नोटिस भेजकर ठगने वाले साइबर जालसाजों पर अब शिकंजा कसने की तैयारी है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने नोटिस की प्रामाणिकता जांचने के लिए अपने डॉक्यूमेंट नंबर वेरिफिकेशन सिस्टम (DNVS) को अपग्रेड कर दिया है। इससे निवेशक घर बैठे यह पता लगा सकेंगे कि उन्हें मिला SEBI का नोटिस असली है या फर्जी।
पुराने सिस्टम का उठाते थे फायदा
पहले SEBI के पोर्टल पर केवल ‘आउटवर्ड नंबर’ डालकर किसी दस्तावेज की जांच की जाती थी। जालसाज इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर असली Outward Number को फर्जी दस्तावेज और कंटेंट के साथ इस्तेमाल कर लेते थे। नए सिस्टम का उद्देश्य इसी तरह की धोखाधड़ी को रोकना है।
पांच जानकारियों से होगी जांच
अब अगर किसी निवेशक के पास SEBI के नाम से फिजिकल लेटर या नोटिस आता है, तो वह SEBI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उसकी सत्यता जांच सकता है। इसके लिए Outward Number, पत्र जारी करने वाले SEBI अधिकारी का नाम, पत्र जारी होने की तारीख, पत्र का विषय (Subject Matter) और अपना नाम (Recipient Name) दर्ज करना होगा। इन जानकारियों के आधार पर सिस्टम बताएगा कि संबंधित दस्तावेज का रिकॉर्ड मौजूद है या नहीं।
‘नो रिकॉर्ड फाउंड’ दिखे तो रहें सावधान
अगर जानकारी दर्ज करने के बाद स्क्रीन पर ‘नो रिकॉर्ड फाउंड’ दिखाई देता है, तो निवेशक को सतर्क हो जाना चाहिए। ऐसे संदिग्ध मामलों में SEBI से ईमेल के जरिए सीधे पुष्टि की जा सकती है। वहीं सितंबर 2026 से पहले जारी किए गए पुराने पत्रों का सत्यापन भी ईमेल के माध्यम से ही कराया जा सकेगा।
Project Jagruk से बढ़ेगी निवेशकों की जागरूकता
नोटिस वेरिफिकेशन सिस्टम के अलावा SEBI ने निवेशकों को साइबर फ्रॉड और निवेश जोखिमों के प्रति जागरूक करने के लिए Project Jagruk के तहत स्टॉक ब्रोकर्स के लिए भी नई व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत ब्रोकर्स को अपनी वेबसाइट और ट्रेडिंग ऐप पर निवेशक जागरूकता से जुड़े संदेश दिखाने होंगे। इस संबंध में SEBI ने 1 अक्टूबर 2026 को सर्कुलर जारी किया था।
5 अक्टूबर से पहला चरण शुरू
नई व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। पहले चरण में 5 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक सभी स्टॉक ब्रोकर्स को अपनी वेबसाइट पर SEBI की ओर से उपलब्ध कराया गया इन्वेस्टर अवेयरनेस मैसेज और रिस्क डिस्क्लोजर दिखाना होगा। हालांकि, इसी अवधि में ट्रेडिंग ऐप पर इन संदेशों को देखना अच्छा रहेगा।
निवेशकों के लिए जरूरी सावधानी
SEBI के इस अपग्रेडेड सिस्टम से फर्जी नोटिस के जरिए निवेशकों को डराकर ठगी करने की कोशिशों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। किसी भी संदिग्ध नोटिस पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक सिस्टम के जरिए जांच करना और जरूरत पड़ने पर SEBI से सीधे पुष्टि करना निवेशकों के लिए अहम होगा।
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