पंजाब विधानसभा चुनाव से करीब तीन महीने पहले कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक बदलाव सामने आया है। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात कर प्रदेश अध्यक्ष पद से अपना औपचारिक इस्तीफा सौंप दिया। 10 जनपथ स्थित राहुल गांधी के आवास पर बैठक के बाद वड़िंग ने कहा कि उनसे इस्तीफा नहीं मांगा गया था, बल्कि उन्होंने खुद पद छोड़ने का फैसला किया।
राहुल गांधी से पंजाब की स्थिति पर हुई चर्चा
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद वडिंग ने बताया कि बैठक में पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात और प्रदेश कांग्रेस की चुनौतियों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर अपने करीब साढ़े चार साल के अनुभव राहुल गांधी के साथ साझा किए। अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के मुताबिक, उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी के सामने किन क्षेत्रों में चुनौतियां हैं, उनसे कैसे निपटा जा सकता है और कांग्रेस की ताकत किन मुद्दों पर है। उन्होंने कहा कि उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी देने के लिए राहुल गांधी का धन्यवाद भी किया। वडिंग ने कहा कि आगे पार्टी को जहां भी उनकी जरूरत होगी, वह वहां काम करने के लिए तैयार रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अब उन्हें कुछ समय के लिए छुट्टी लेनी चाहिए।
सचिन पायलट पर भी वडिंग ने कही बात
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट को लेकर पूछे गए सवाल पर अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि उन्हें पक्का पता नहीं है कि पायलट को लगा होगा कि उन्हें अध्यक्ष पद से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी सचिन पायलट से अब तक केवल एक बार दिल्ली में मुलाकात हुई थी, जब उन्होंने जन्मदिन की बधाई दी थी। इसके बाद चंडीगढ़ में हुए धरने के दौरान दोनों करीब दो घंटे साथ रहे थे। अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने इस्तीफे को लेकर कहा कि कांग्रेस में आम तौर पर किसी से इस्तीफा मांगने के बजाय पार्टी की ओर से धन्यवाद की चिट्ठी जारी की जाती है। उन्होंने दोहराया कि उनसे इस्तीफा नहीं मांगा गया और उन्होंने खुद इस्तीफा दिया है।
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