UP Sudhar Utsav: उत्तर प्रदेश में इस बार गांधी जयंती के अवसर पर आज ग्राम सभाओं का आयोजन ‘सुधार उत्सव’ के रूप में किया जाएगा। इन बैठकों में ग्रामीण केवल समस्याओं पर चर्चा नहीं करेंगे, बल्कि गांव में रोजगार, पानी, स्वच्छता, महिला आय और विकास कार्यों की प्राथमिकताएं भी तय करेंगे। डबल इंजन सरकार के 11 मंत्रालयों और विभागों से जुड़े विषयों को एक साथ ग्राम सभा के एजेंडे में शामिल किया गया है।
125 दिन रोजगार पर जोर
विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण), यानी वीबी जीराम जी (VB-G RAM G) के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन की गई है। यह व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से लागू हुई है। योजना में जल संरक्षण, आजीविका और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़े 375 तरह के काम शामिल हैं। ग्राम सभा तय कर सकेगी कि इनमें से गांव में कौन से काम पहले किए जाएं।
लखपति दीदी से ‘करोड़पति दीदी’ तक
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं सालाना एक लाख रुपये या उससे अधिक घरेलू आय हासिल कर ‘लखपति दीदी’ बन रही हैं। महिलाओं को उद्यम, बाजार और शी मार्ट (SHE-MARTs) जैसी पहलों से जोड़ने के साथ अब उनकी सालाना आय 10 लाख रुपये या उससे अधिक तक पहुंचाने और ‘करोड़पति दीदी’ बनाने में मदद का लक्ष्य रखा गया है।
हर घर साफ पानी की तैयारी
जल जीवन मिशन 2.0 में केवल नल कनेक्शन देने के बजाय नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया गया है। ग्राम पंचायतें पानी के स्रोत, आपूर्ति की समस्याओं और रखरखाव की जरूरतों की समीक्षा करेंगी। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के दूसरे चरण में गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल की दिशा में ले जाने के लिए ठोस-तरल कचरा प्रबंधन, सफाई और कचरे को चार श्रेणियों में अलग करने पर भी चर्चा होगी।
तालाब और भूजल संरक्षण पर मंथन
ग्राम सभाओं में ऐसे तालाबों और रिचार्ज पिट की पहचान की जाएगी जिन्हें दोबारा ठीक करने की जरूरत है। घरों और खेतों के आसपास जल पुनर्भरण संरचनाएं बनाने में भी स्थानीय भागीदारी बढ़ाई जाएगी। बारिश के पानी को बचाने का उद्देश्य भूजल स्तर बढ़ाना और गर्मी व सूखे के दौरान पानी की उपलब्धता बेहतर करना है।
उपभोक्ता अधिकारों की जानकारी
गांवों में उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों और शिकायत की प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया जाएगा। शिकायत के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1915 उपलब्ध है। ई-जागृति के जरिए शिकायत दर्ज करने और ऑनलाइन सुनवाई में शामिल होने की सुविधा भी दी गई है।
कानूनी अधिकारों पर जागरूकता
ग्राम सभाओं के जरिए ग्रामीणों को अधिकारों, कानूनी सहायता और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। नए आपराधिक कानूनों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के साथ डिजिटल साक्ष्य और तकनीक के इस्तेमाल से जुड़े प्रावधानों के बारे में भी जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
सहकारिता से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS), कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंकों और सहकारिता विभाग के कार्यालयों के डिजिटलीकरण पर जोर दिया जा रहा है। ग्राम पंचायतों तक सहकारी व्यवस्था पहुंचाने के लिए बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियां, डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियां बनाने व मजबूत करने की पहल भी शामिल है। इससे ऋण, बाजार, डेयरी, मत्स्य पालन और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंच बढ़ाने का लक्ष्य है।
बाल विवाह और नशे के खिलाफ संकल्प
ग्राम सभा अपने गांव को बाल विवाह मुक्त बनाने का प्रस्ताव पारित कर सकती है। सत्यापन के बाद जिला स्तर से प्रमाण-पत्र जारी करने की व्यवस्था है। वहीं नशा मुक्त भारत अभियान के तहत बच्चों और युवाओं को नशे से बचाने, शुरुआती लक्षण पहचानने तथा प्रभावित लोगों को परामर्श, उपचार और पुनर्वास से जोड़ने में परिवार और समुदाय की भागीदारी पर जोर दिया जाएगा।
गांव खुद तय करेंगे विकास की दिशा
पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह के अनुसार, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत पंचायतों को विकास से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ग्राम पंचायतें अपनी ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) तैयार कर ई ग्राम स्वराज (eGramSwaraj) पर अपलोड करती हैं। ग्राम सभा में चिन्हित प्राथमिकता वाले कार्यों को इसी योजना में शामिल किया जा सकता है।
संपत्ति का स्पष्ट रिकॉर्ड मिलेगा
स्वामित्व योजना के तहत गांवों के आबादी वाले क्षेत्रों में घरों और अन्य आवासीय संपत्तियों का स्पष्ट रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। डिजिटल नक्शों से संपत्ति की सीमाएं तय करने में मदद मिलती है। इससे जमीन-संपत्ति विवाद कम करने और बैंक ऋण लेने में सुविधा मिल सकती है। महिलाओं को संपत्ति में मालिकाना मान्यता मिलने से उनकी स्थिति मजबूत करने का भी उद्देश्य है।
एक साथ कई मुद्दों पर चर्चा
इस तरह 2 अक्टूबर की ग्राम सभाओं में विकास कार्यों की समीक्षा के साथ रोजगार, महिला आजीविका, पानी, स्वच्छता, राशन, जमीन, उपभोक्ता अधिकार, कानून, सहकारिता, बाल विवाह और नशामुक्ति जैसे मुद्दों को गांव के साझा एजेंडे में शामिल करने की तैयारी है।
Read More:


[…] गांधी जयंती पर आज UP में ‘सुधार उत्सव… […]