मेरठ के चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में जिला जज की अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को सौरभ राजपूत की हत्या का दोषी करार दिया है। हालांकि, अदालत ने अभी दोनों की सजा का ऐलान नहीं किया है। अब अगली कार्रवाई में कोर्ट यह तय करेगा कि दोषी ठहराए गए दोनों को कितनी सजा दी जाएगी। इस मामले में हत्या से लेकर जांच, चार्जशीट और लंबी सुनवाई तक कई चरण सामने आए।
पार्टी के कुछ दिन बाद हुई सौरभ की हत्या
सौरभ राजपूत 24 फरवरी 2025 को लंदन से मेरठ स्थित अपने घर लौटा था। अगले दिन 25 फरवरी को पत्नी मुस्कान ने उसके लौटने की खुशी में पार्टी रखी थी। 28 फरवरी को परिवार ने बेटी पीहू का जन्मदिन भी मनाया। इसके कुछ दिन बाद 3 मार्च को पुलिस के मुताबिक सौरभ की हत्या कर दी गई।
आरोप है कि मुस्कान ने खाने में नींद की दवा मिलाई और इसके बाद साहिल शुक्ला को घर बुलाया। सौरभ की हत्या के बाद उसके शव के चार टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में रखा गया। आरोपियों ने ड्रम में सीमेंट भरकर उसे बंद कर दिया था। 4 मार्च को मुस्कान अपनी बेटी को मायके छोड़कर साहिल के साथ हिमाचल चली गई। 17 मार्च को मेरठ लौटने के बाद उसने अपने माता-पिता को घटना की जानकारी दी। अगले दिन पुलिस इंद्रानगर स्थित घर पहुंची, जहां ड्रम से सौरभ का शव बरामद हुआ। इसके बाद मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया गया।
जांच में चार्जशीट, गवाह और इलेक्ट्रॉनिक सबूत
पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद करीब 1,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इसमें 34 गवाहों का जिक्र किया गया था। बाद में मामले में हत्या और सबूत मिटाने से जुड़े आरोप तय किए गए और जुलाई 2025 में जिला जज की अदालत में ट्रायल शुरू हुआ। सुनवाई के दौरान परिवार के सदस्यों के अलावा पुलिसकर्मियों, डॉक्टर, डांसर और ड्रम बेचने वाले समेत कई गवाहों के बयान दर्ज हुए। कोर्ट में नीला ड्रम और ट्रॉली बैग भी पेश किए गए। जनवरी 2026 में जियो के नोडल अधिकारी ने कॉल डिटेल, चैट और मोबाइल लोकेशन से जुड़ी रिपोर्ट अदालत में रखी।
19 सितंबर को फैसला सुरक्षित
मामले की सुनवाई लंबी चली और अंतिम चरण में दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें रखीं। 22 मई से 17 सितंबर के बीच अंतिम बहस हुई। इसके बाद अदालत ने 19 सितंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। पहले 19 सितंबर को ही फैसला सुनाए जाने की बात थी, लेकिन बाद में अदालत ने 30 सितंबर की तारीख तय की। अब अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल को हत्या का दोषी ठहरा दिया है। हालांकि, दोषसिद्धि के बाद भी सजा का फैसला अभी बाकी है। यानी करीब डेढ़ साल पहले शुरू हुए इस चर्चित मामले में हत्या का आरोप अब न्यायिक रूप से दोषसिद्धि तक पहुंच चुका है, जबकि दोनों को मिलने वाली सजा पर अदालत का अगला फैसला होना है।
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