नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में आग लगने से 9 यात्रियों की मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत ने घटना को गंभीर मानते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से बसों की सुरक्षा, परमिट, जांच और हादसों के बाद की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर 2026 को होगी। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की पीठ ने की। कोर्ट ने 25 सितंबर की मीडिया रिपोर्ट्स का संज्ञान लेते हुए घटना पर अधिकारियों से जवाब मांगा। सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव परिवहन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत के सामने पेश हुए और अब तक की कार्रवाई की जानकारी दी।
रात में चलने वाली बसों की होगी विशेष जांच
मुख्य सचिव ने अदालत को बताया कि रात के समय संचालित होने वाली बसों की सुरक्षा जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि बसें निर्धारित स्थानों पर ही रुक रही हैं या नहीं। अदालत ने उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में हुई बस आग की घटनाओं का भी उल्लेख किया। इनमें जुलाई 2023 में रायबरेली-प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर 3 मौतें, नवंबर 2024 में कन्नौज-लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर 4 मौतें और दिसंबर 2025 में मथुरा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में हुई घटना में 13 मौतों का जिक्र किया गया।
सुरक्षा मानकों के पालन पर उठे सवाल
सुनवाई के दौरान बसों में लागू सुरक्षा नियमों पर भी चर्चा हुई। न्यायमित्र और कोर्ट के शोध सहयोगियों ने AIS-052, AIS-119 और AIS-135 जैसे मानकों की जानकारी दी। इन नियमों में आपातकालीन निकास, स्लीपर कोच की संरचना और आग से बचाव जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। कोर्ट ने कहा कि यदि हादसे में शामिल बस ने अनिवार्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया था तो जिम्मेदार चालक, परिचालक और लाइसेंसधारी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर लाइसेंस रद्द करने पर भी विचार किया जा सकता है।
सरकार से तीन साल का रिकॉर्ड तलब
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पिछले तीन वर्षों में जारी किए गए बस परमिट, बसों की जांच की प्रक्रिया और सीमा जांच चौकियों से जुड़ी जानकारी मांगी है। इसके अलावा यात्री सुरक्षा जांच तथा बस हादसों में हुई आपराधिक कार्रवाई का भी विस्तृत ब्यौरा हलफनामे के जरिए देने का निर्देश दिया गया है।अदालत अब 13 अक्टूबर को सरकार की रिपोर्ट और उठाए गए कदमों की समीक्षा करेगी।
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