भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए तीसरे और अंतिम एकदिवसीय मुकाबले में एकतरफा प्रदर्शन करते हुए 8 विकेट से शानदार जीत हासिल की है। इस एकतरफा जीत के साथ ही भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 3-0 से विपक्षी टीम का सूपड़ा साफ (क्लीन स्वीप) करते हुए ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमा लिया। वड़ोदरा में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने गेंदबाजी से लेकर बल्लेबाजी तक हर मोर्चे पर जिम्बाब्वे को पूरी तरह पस्त कर दिया।
20 साल की वैष्णवी शर्मा ने 5 विकेट लेकर मचाया तबाही
मैच की मुख्य सूत्रधार युवा बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा रहीं, जिनकी फिरकी के आगे जिम्बाब्वे का बल्लेबाजी क्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की पूरी टीम 39.5 ओवरों में महज 131 रनों पर सिमट गई। वैष्णवी शर्मा ने अपने 10 ओवरों के स्पेल में मात्र 39 रन देकर 5 अहम विकेट चटकाए। इसके साथ ही 20 वर्ष और 314 दिन की उम्र में वैष्णवी वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 5 विकेट लेने वाली भारत की दूसरी सबसे युवा महिला गेंदबाज बन गई हैं। उनका बेहतरीन साथ निभाते हुए क्रांति गौड़ और सायली सातघरे ने 2-2 विकेट अपने नाम किए। जिम्बाब्वे की ओर से मोडेस्टर मुपाचिकीवा (37 रन) और कप्तान जोसेफिन निकोमो (35 रन) ही कुछ संघर्ष दिखा सकीं।
प्रतिका रावल और शेफाली वर्मा की तूफानी बल्लेबाजी
जीत के लिए मिले 132 रनों के आसान से लक्ष्य को भारतीय महिला टीम ने महज 17 ओवरों में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। हालांकि, सलामी बल्लेबाज यास्तिका भाटिया बिना खाता खोले शून्य पर पवेलियन लौट गईं, लेकिन इसके बाद मैदान पर प्रतिका रावल और शेफाली वर्मा का तूफान देखने को मिला। प्रतिका रावल ने 56 गेंदों पर 4 चौकों और 3 छक्कों की मदद से नाबाद 59 रनों की परिपक्व पारी खेली। वहीं, आक्रामक बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने महज 26 गेंदों में 6 चौकों और 3 छक्कों की बदौलत ताबड़तोड़ 51 रन कूट डाले। मध्यक्रम में हरलीन देओल ने भी नाबाद 19 रनों का उपयोगी योगदान दिया।
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