Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव सोमवार को चक्रवाती तूफान अर्नब में बदल गया और मंगलवार को यह भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया। इसके बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश तट से टकराने की आशंका है। इस दौरान 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत नौ राज्यों में अलर्ट जारी किया है।
ओडिशा में भारी बारिश और तेज हवाएं
अर्नब के प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में मंगलवार को भारी बारिश हुई और तेज हवाएं चलीं। पुरी, गजपति, गंजाम, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 27 और 28 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। राज्य ने समुद्र में मछली पकड़ने और पहाड़ियों, झरनों, बांधों व पर्यटन स्थलों पर जाने पर रोक लगा दी है। समुद्र तटों पर भी आम लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है।
लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया जा रहा
ओडिशा की ‘शून्य जनहानि’ नीति के तहत संवेदनशील इलाकों में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, मलकानगिरि, कोरापुट और नबरंगपुर में कर्मचारी और मशीनरी तैनात हैं। कुछ जिलों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। पहले चरण में गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगों और बच्चों को चक्रवात आश्रय केंद्रों में भेजा जा रहा है। जरूरत पड़ने पर नौसेना, तटरक्षक बल और वायुसेना से मदद लेने की तैयारी है।
ओडिशा में स्कूल-कॉलेज बंद
चक्रवात के खतरे को देखते हुए ओडिशा के छह जिलों में सभी शैक्षणिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लैंडफॉल आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के यानम के बीच होने की आशंका है, लेकिन ओडिशा पर भी व्यापक असर पड़ेगा। राज्य में बहुत भारी बारिश और 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक हवा के झोंके चलने का अनुमान है।
छत्तीसगढ़ में हाई अलर्ट
छत्तीसगढ़ में 28 और 29 अक्टूबर को अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है। दक्षिणी हिस्सों में 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं और कुछ जगहों पर 200 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है। राज्य ने 12 जिलों को अति संवेदनशील घोषित कर 779 राहत शिविर और बचाव दल तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
झारखंड में तीन दिन बारिश का अलर्ट
झारखंड के रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम में 28 अक्टूबर सुबह साढ़े आठ बजे तक येलो अलर्ट है। इसके बाद गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में 30 अक्टूबर सुबह साढ़े आठ बजे तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़, रांची, खूंटी, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम में 29 अक्टूबर को भी भारी बारिश की चेतावनी है।
यूपी समेत इन राज्यों में भी बारिश
28 अक्टूबर को तेलंगाना, जबकि 29 और 30 अक्टूबर को बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 29 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश का अनुमान है। यूपी में सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, गाजीपुर और बलिया में 28 अक्टूबर को 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के साथ येलो अलर्ट है। 29 अक्टूबर को चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, अमेठी और सुल्तानपुर समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट है। 30 अक्टूबर को पूर्वांचल, अवध, तराई, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में भी भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
ट्रेन और हवाई सेवा प्रभावित
चक्रवात के कारण 27 और 28 अक्टूबर को 53 ट्रेनें रद्द की गई हैं। विजयवाड़ा, राजमुंदरी, मछलीपट्टनम, नरसापुर, भीमावरम, काकीनाडा पोर्ट, गुंटूर और विशाखापत्तनम से चलने या गुजरने वाली सेवाएं प्रभावित हैं। रेलवे ने हेल्पडेस्क, अतिरिक्त रिफंड काउंटर और 24 घंटे सक्रिय वॉर रूम बनाया है। एयर इंडिया ने विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा की उड़ानों के प्रभावित होने की चेतावनी देते हुए यात्रियों से फ्लाइट स्टेटस जांचने को कहा है।
अर्नब नाम का मतलब क्या है?
चक्रवात का नाम बांग्लादेश ने दिया है। बंगाली भाषा में ‘अर्नब’ का अर्थ ‘समुद्र’ या ‘महासागर’ होता है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
प्रशासन ने लोगों से गैरजरूरी यात्रा से बचने और पक्की इमारतों में शरण लेने की अपील की है। पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूर रहने को कहा गया है। बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदानों, खेतों और जलाशयों के आसपास जाने से भी बचने की सलाह दी गई है।
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