प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे होने के मौके पर अपने राजनीतिक सफर और काम करने की सोच का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनका जीवन व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के बजाय एक मिशन को समर्पित रहा है। PM मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य भी दोहराया और कहा कि देश को बड़े संकल्प के साथ आगे बढ़ना है।
‘मेरा राजनीतिक रिपोर्ट कार्ड एक कार्यकर्ता का था’
पीएम मोदी ने कहा कि उनका राजनीतिक रिपोर्ट कार्ड किसी पद या चुनावी महत्वाकांक्षा से नहीं, बल्कि एक संगठन के कार्यकर्ता के तौर पर किए गए काम से बना। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें चुनाव लड़ने की इच्छा होती तो वह काफी पहले चुनावी मैदान में उतर जाते। उनके मुताबिक उन्होंने कभी अपने बारे में नहीं सोचा और हमेशा मिली जिम्मेदारी को पूरा करने पर ध्यान दिया। प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं अंबिशन के लिए नहीं, मिशन के लिए जीने वाला इंसान रहा।” उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन को देश के लिए काम करने की प्रतिबद्धता से जोड़ते हुए कहा कि उनका उद्देश्य व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि सेवा रहा है।
‘कर्म ही मेरा धर्म है’
प्रधानमंत्री ने कहा कि समय-समय पर उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे उन्होंने पूरी निष्ठा से निभाने की कोशिश की। उनके लिए कर्म केवल जिम्मेदारी पूरी करने का माध्यम नहीं है, बल्कि देश के प्रति साधना है। पीएम मोदी ने कहा, “मेरे लिए कर्म ही सब कुछ है, कर्म ही मेरा धर्म है।” उन्होंने कहा कि उन्होंने काम करते समय न तो उसके फल की चिंता की और न ही श्रेय पाने को प्राथमिकता दी। उनके मुताबिक व्यक्ति को यह नहीं सोचना चाहिए कि वह खुद कहां पहुंचा, बल्कि यह देखना चाहिए कि देश कहां पहुंचा है। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपने शुरुआती दौर को भी याद किया और कहा कि वह समय कई चुनौतियों से भरा था। गुजरात में मिली जिम्मेदारी और अनुभवों ने उन्हें आगे के लिए बहुत कुछ सिखाया।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
पीएम मोदी ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को जब उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी, तब उन्होंने नहीं सोचा था कि सरकार के प्रमुख के रूप में 25 साल पूरे करने का पड़ाव भी आएगा। उन्होंने कहा कि इस लंबी यात्रा में जनता का विश्वास उनके लिए सबसे बड़ी ताकत रहा है। प्रधानमंत्री ने जनता के साथ मिलकर फैसले लेने की बात कही और कहा कि जब लोगों का साथ मिलता है तो कठिन निर्णय भी लिए जा सकते हैं। इसी भरोसे के साथ उन्होंने “We Will Do It” का संकल्प दोहराया। बता दें कि नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 26 मई 2014 को उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार सरकार के प्रमुख रहने के 25 साल पूरे होने के मौके पर उन्होंने अब 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य सामने रखा है।
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सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे, PM मोदी बोले- 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर भारत बनाकर रहेंगे

