भारतीय सर्राफा और वायदा बाजार में 5 अक्टूबर को सोने और चांदी की कीमतों में मिला-जुला और सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। आज घरेलू बाजार में सोने का भाव 1,47,724 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी में 490 रुपये की बढ़त दर्ज की गई है और यह 2,26,367 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। वैश्विक बाजार की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना 0.20 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,170 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है, वहीं चांदी का भाव 1.73 डॉलर प्रति औंस पर बना हुआ है।
दिल्ली से मुंबई तक मेट्रो शहरों के ताजा भाव
स्थानीय टैक्स, चुंगी और क्षेत्रीय लागतों के कारण देश के अलग-अलग शहरों में सोने के भाव में मामूली अंतर देखा जा रहा है। देश की राजधानी दिल्ली के साथ-साथ जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ में 22 कैरेट सोने की कीमत 1,36,890 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि 24 कैरेट सोना 1,49,320 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है। दूसरी ओर मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और हैदराबाद में सोना दिल्ली की तुलना में 150 रुपये सस्ता है, जहां 22 कैरेट का रेट 1,36,740 रुपये और 24 कैरेट का रेट 1,49,170 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। अहमदाबाद और भोपाल में 22 कैरेट सोना 1,36,790 रुपये और 24 कैरेट सोना 1,49,220 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर उपलब्ध है।
पिछले हफ्ते की गिरावट के बाद संभले दाम
हालिया कारोबारी सत्रों की बात करें तो एमसीएक्स (MCX) पर पिछले हफ्ते सोने और चांदी दोनों ही धातुओं में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। दिसंबर वायदा सोना करीब 2 प्रतिशत टूटकर 1.5 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया था, वहीं चांदी में लगभग 4 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई थी और यह 2.25 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक फिसल गई थी। अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे बुलियन मार्केट पर दबाव बना था।
भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक रुझानों का असर
सोने और चांदी की भावी चाल काफी हद तक अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर निर्भर करेगी। यदि मध्य पूर्व में यह जियो-पॉलिटिकल तनाव गहराता है तो निवेशक सुरक्षित पनाहगाह के तौर पर सोने का रुख करेंगे, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिलेगा। हालांकि, हाल के दिनों में क्रूड ऑयल की सप्लाई को लेकर चिंताएं कम होने से इसका असर थोड़ा सीमित हुआ है। इसके अलावा, औद्योगिक मांग की वजह से चांदी में सोने की तुलना में अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
इन आंकड़ों पर रहेगी निवेशकों की पैनी नजर
आने वाले दिनों में कीमती धातुओं की दिशा तय करने में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख के साथ-साथ भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आगामी मौद्रिक नीति बैठक की अहम भूमिका होगी। यदि डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में लगातार बढ़त जारी रहती है तो सोने की कीमतों पर दोबारा दबाव बन सकता है, जबकि इनमें किसी भी तरह की नरमी बुलियन बाजार को तेजी की ओर ले जाएगी।
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