नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी ने पेट्रोल के दाम में ₹5 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर की वृद्धि की है। नई दरें शनिवार सुबह से देशभर में नायरा एनर्जी के 7,108 फ्यूल स्टेशनों पर लागू हो गई हैं। कंपनी ने कीमत बढ़ाने के पीछे कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ी लागत को वजह बताया है।
सरकारी तेल कंपनियों ने नहीं बढ़ाए दाम
फिलहाल यह बढ़ोतरी नायरा एनर्जी के नेटवर्क तक सीमित है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इस तरह की बढ़ोतरी नहीं की है। देश के पेट्रोल पंप नेटवर्क में सरकारी तेल कंपनियों की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत से ज्यादा है। ऐसे में नायरा के दाम बढ़ने से उसके आउटलेट और सरकारी तेल कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर बिकने वाले ईंधन की कीमतों में अंतर बढ़ सकता है।
मार्च में भी बढ़ाए थे दाम
यह पहली बार नहीं है जब नायरा ने हाल के महीनों में ईंधन महंगा किया है। पीटीआई के मुताबिक, ईरान से जुड़े तनाव के दौरान ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच कंपनी ने 26 मार्च को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः ₹5 और ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। बाद में पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने के बाद कंपनी ने 1 जुलाई को यह बढ़ोतरी वापस ले ली थी। अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहने के बीच कंपनी ने दोबारा कीमतें बढ़ाई हैं।
पेट्रोल-डीजल की बिक्री सीमित करने का भी मुद्दा
हाल ही में नायरा एनर्जी और जियो-बीपी के कुछ आउटलेट्स पर ईंधन की बिक्री सीमित किए जाने की बात सामने आई थी। 1 अक्टूबर को सरकार ने निजी ईंधन विक्रेताओं से आउटलेट्स पर पेट्रोल और डीजल की बिक्री सीमित नहीं करने को कहा था। अधिकारियों के अनुसार, खुदरा और थोक डीजल कीमतों के बीच अंतर बढ़ने से औद्योगिक ग्राहक रिटेल पंपों से ईंधन खरीदने लगे थे। इससे कुछ क्षेत्रों में खुदरा आपूर्ति पर दबाव बढ़ा।
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