India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही द्विपक्षीय व्यापार समझौते की बातचीत अब अंतिम चरण में बताई जा रही है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने कहा है कि दोनों देश बचे हुए अहम मुद्दों को सुलझाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समझौते की घोषणा तत्काल होने की उम्मीद नहीं है।
बचे मुद्दों पर जारी है काम
मिलवॉकी में जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक से इतर ग्रीर ने कहा कि भारत के साथ व्यापार समझौते को पूरा करने की कोशिश जारी है। दोनों पक्ष उन प्रमुख मुद्दों की पहचान कर चुके हैं, जिन पर अभी सहमति बननी बाकी है। ग्रीर ने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ अपनी बातचीत को भी सकारात्मक बताया।
मोदी-ट्रंप की फिर हो सकती है बातचीत
ग्रीर के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच गुरुवार सुबह व्यापार समेत कई मुद्दों पर रचनात्मक बातचीत हुई। दोनों नेताओं के बीच जल्द एक और फोन कॉल होने की संभावना है, जिसमें व्यापार समझौते की प्रगति और आगे की रणनीति पर चर्चा हो सकती है। 30 सितंबर को दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों समेत द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा भी की थी।
पीयूष गोयल ने ग्रीर से की मुलाकात
पीयूष गोयल ने मिलवॉकी में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर से मुलाकात की। दोनों के बीच बातचीत का मुख्य उद्देश्य भारत और अमेरिका के लिए लाभकारी अंतरिम व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने के प्रयासों को आगे बढ़ाना था। यह वार्ता 7 फरवरी 2026 को जारी भारत-अमेरिका संयुक्त बयान में तय रूपरेखा के तहत हो रही है।
2025 में पटरी से उतरी थी वार्ता
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पिछले कुछ समय से कई उतार-चढ़ाव से गुजरती रही है। 2025 में बातचीत रुकने के बाद अगस्त में अमेरिका ने भारतीय सामान पर टैरिफ बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया था। इसमें रूस से भारत की तेल खरीद के जवाब में लगाया गया 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी शामिल था। इसके बाद दोनों देशों ने बातचीत को फिर आगे बढ़ाया।
फरवरी में बनी थी शुरुआती रूपरेखा
7 फरवरी को जारी संयुक्त बयान में व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा सामने आई थी। उस समय राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका भारत पर अपने पारस्परिक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा, जबकि भारत अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क कम करेगा। फरवरी में दोनों देशों ने BTA के पहले चरण की रूपरेखा को अंतिम रूप देने की घोषणा भी की थी, लेकिन बाद में अमेरिकी टैरिफ नीति में बदलाव के कारण बातचीत आगे खिंच गई।
प्रतिस्पर्धी देशों को लेकर भारत की चिंता
समझौते के पहले चरण को अभी अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। 24 सितंबर को पीयूष गोयल ने कहा था कि समझौता लगभग तैयार है, लेकिन इसे लागू करने के लिए भारत को अमेरिकी बाजार में अपने प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले उचित अवसर मिलना जरूरी है। इनमें आसियान देश, चीन और बांग्लादेश शामिल हैं।
अभी अंतिम घोषणा का इंतजार
फिलहाल दोनों देशों के अधिकारी बाकी मतभेदों को दूर करने में जुटे हैं। अमेरिकी पक्ष की ओर से बातचीत को अंतिम दौर में बताया गया है, लेकिन उपलब्ध ताजा जानकारी के अनुसार डील पर तत्काल घोषणा की स्थिति नहीं बनी है। आने वाले दिनों में मोदी-ट्रंप की संभावित बातचीत और दोनों देशों के वार्ताकारों के बीच चर्चा से आगे की दिशा स्पष्ट हो सकती है।
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